सरस सलिल विशेष

काजल की उम्र 22 साल थी. उस के मातापिता ने अपनी एकलौती बेटी की शादी एक इंजीनियर लड़के से की थी. पिता ने अपनी बेटी की शादी में तकरीबन 30 लाख रुपए खर्च किए थे. उन्होंने बेटीदामाद को जरूरत का हर सामान दिया था. लेकिन शादी का एक साल भी नहीं बीता था कि मुंबई में नौकरी कर रहे काजल के पति की मौत एक रेल हादसे में हो गई.

कुछ दिनों के बाद गांव वालों ने काजल के पिता को समझाया कि बेटी की दूसरी शादी कर दो, पर वे तैयार नहीं हुए. उन का कहना था कि हमारी जाति में दूसरी शादी नहीं होती है.

काजल के ससुर का भी यही कहना था कि अगर काजल की दूसरी शादी हो गई तो हम लोगों की जातबिरादरी में नाक कट जाएगी. मजबूर हो कर काजल ससुराल में रहने लगी.

एक दिन मौका देख कर काजल के ससुर ने उस से जिस्मानी संबंध बनाना चाहा तो उस ने काफी विरोध किया. लेकिन फिर वह मजबूर हो गई और अपने पिता समान ससुर के साथ सोने लगी.

इसी तरह से सीता की शादी एक ऐसे लड़के से हुई थी जो दिल की बीमारी से पीडि़त था. घर के दूसरे लोगों से उन्हें इस बीमारी का पता नहीं चल सका और उस की शादी हो गई. शादी के 2 साल बाद ही सीता के पति की मौत हो गई.

लोगों ने सीता की दूसरी शादी करने की सलाह दी पर उस के मातापिता तैयार नहीं हुए. वह ससुराल में ही रहने लगी.

बाद में सीता का अपने घर में गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर से इश्क हो गया. परिवार वालों को जब यह बात मालूम हुई तो कुहराम मच गया. उस ड्राइवर की काफी पिटाई की गई और उसे काम से भी हटा दिया गया.

3 साल के अंदर ही कमला के पति की मौत एक सड़क हादसे में हो गई थी. वह भी मजबूर हो कर ससुराल में रह रही थी जहां ससुर और देवर से उस के नाजायज संबंध हो गए.

शबाना की शादी को 10 साल बीत गए थे. उस की 3 बेटियां और 1 बेटा था. उस के पति का सूरत, गुजरात में एक औरत से नाजायज संबंध हो गया था जहां वह कपड़े की एक फैक्टरी में काम करता था. उस ने शबाना को फोन पर ही तलाक दे दिया और अपने मोबाइल फोन का सिम बदल दिया.

शबाना ने उस से बात करने और मिलने की कोशिश की, पर नाकाम रही. उस का गुजारा अपने पति द्वारा भेजे गए पैसे से ही चलता था. शबाना के बच्चे मजबूर हो कर कबाड़ बेचने का काम करने लगे, फिर भी उन्हें इतने पैसे नहीं मिलते थे कि दोनों समय का चूल्हा जल सके. मजबूरी में शबाना दूसरों के घरों में  काम करने लगी. लोगों ने उस की मजबूरी का फायदा उठा कर उस के जिस्म से खेलना शुरू कर दिया.

5 साल बाद ही पति ने रुखसाना को  तलाक दे दिया था. वह मायके में रह रही थी. उस के मायके वाले उस से ऊब गए थे. बीए तक पढ़ीलिखी रुखसाना एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने लगी. उस की मजबूरी का फायदा उठा कर स्कूल संचालक ने उस से जिस्मानी संबंध बनाना शुरू कर दिया.

विधवा और तलाकशुदा औरतों की ऐसी तमाम कहानियां हैं जो समाज की अनदेखी के चलते जिल्लत भरी जिंदगी जी रही हैं.

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