सरस सलिल विशेष

शरीर के किसी भी भाग में कैंसर पनपता है तो उस के कुछ लक्षण दिखाई देते हैं. ये लक्षण इस पर निर्भर करते हैं कि कैंसर कहां है, किस आकार का है और इस के कारण उस अंग को कितना नुकसान पहुंचा है.

कैंसर के 15 लक्षण

कई अनुसंधानों में यह बात सामने आई है कि कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं भी कैंसर होने का संकेत हो सकती हैं. लेकिन याद रखें कि इन लक्षणों के दिखाई देने का अर्थ यह नहीं है कि आप को कैंसर ही है. कई अन्य कारणों से भी ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं. किसी भी लक्षण, जो लंबे समय तक रहे और समय के साथ गंभीर हो जाए, को नजरअंदाज न करें. अधिकतर महिलाएं सोचती हैं कि ये लक्षण मामूली हैं, इसलिए वे उन्हें गंभीरता से नहीं लेतीं और डाक्टर के पास नहीं जातीं. इस से उन की बीमारी और गंभीर हो जाती है. जितनी जल्दी कैंसर का उपचार प्रारंभ कर दिया जाएगा, उतना उस के ठीक होने की संभावना बढ़ जाएगी.

आप को अपने शरीर में निम्न लक्षणों में से कोई लक्षण दिखाई दे तो उस की अनदेखी न करें, तुरंत किसी फिजिशियन से संपर्क करें.

उभार या गुमड़

शरीर में कहीं भी उभार या गुमड़ दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें. यह कैंसर की गठान हो सकती है. स्तन कैंसर का सब से शुरुआती लक्षण स्तनों में गठान के रूप में दिखाई देता है. इसे दबा कर देखें, अगर इस में तेज दर्द हो तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें.

खांसी और गले की खराश

खांसी और गले की खराश को मामूली समस्याएं माना जाता है, लेकिन अगर ये समस्याएं बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार बनी रहें तो इन्हें गंभीरता से लें. ये लैरिंक्स, फेफड़ों या थायराइड कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. खांसी और गले की खराश 3 सप्ताह से अधिक रहे तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें.

मल त्यागने की आदतों में बदलाव

एक अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कैंसर से पीडि़त 18 प्रतिशत लोगों में मल त्यागने की आदतों में बदलाव आ जाता है. इन बदलावों में सम्मिलित है मल त्यागने के समय, मात्रा या रंगरूप में असामान्यता, जैसे कब्ज, लूज मोशन, अपच आदि. कई बार कुछ निश्चित खाद्य पदार्थों या दवाइयों का सेवन मल त्यागने की आदतों में बदलाव ला देता है, लेकिन यह अस्थायी होता है. अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो नजरअंदाज न करें. यह कोलन कैंसर का संकेत हो सकता है.

मूत्रमार्ग से संबंधित समस्याएं चूंकि यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फैक्शन यानी यूटीआई महिलाओं में बहुत आम है, इसलिए महिलाएं मूत्रमार्ग से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती हैं. लेकिन अगर आप को यूरिन में रक्त दिखाई दे, यूरिन पास करने पर नियंत्रण न रहे या यूरिन पास करते समय दर्द हो तो इन लक्षणों को गंभीरता से लें. डाक्टर से संपर्क करें क्योंकि ये ब्लैडर या किडनी कैंसर के कारण हो सकते हैं.

शरीर में तेज दर्द शरीर में लगातार तेज दर्द बना रहना बोन कैंसर या ओवेरियन कैंसर के कारण हो सकता है. अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, अगर दर्द शरीर के किसी एक भाग तक सीमित न रह कर शरीर के अलगअलग हिस्सों में फैले तो इस का कारण कैंसर हो सकता है.

ऐसा सिरदर्द जो उपचार कराने के बाद भी ठीक न हो, ब्रेन ट्यूमर का लक्षण हो सकता है. कमरदर्द आंत, मलाशय या अंडाशय के कैंसर का लक्षण हो सकता है. दर्द इस बात का संकेत भी है कि कैंसर जहां शुरू हुआ है वहां से शरीर के दूसरे भागों में फैलने लगा है.

वजन तेजी से कम होना

बिना किसी कारण के आप का वजन तेजी से कम होने लगे तो सतर्क हो जाएं. यह अग्नाशय, पेट, फेफड़े या आहारनाल के कैंसर का संकेत हो सकता है. अगर एक महीने में आप का 4-5 किलो वजन कम जो जाए तो यह कैंसर का प्रारंभिक लक्षण हो सकता है.

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निगलने में समस्या होना

गले के आंतरिक संकुचन से निगलने में रुकावट आ सकती है. यह समस्या तंत्रिका या रोग प्रतिरोधक तंत्र की गड़बड़ी के कारण हो सकती है या इस का कारण आहारनाल, गले या पेट का कैंसर भी हो सकता है.

ब्लीडिंग या डिस्चार्ज

अगर खांसने पर खून आए तो फेफड़ों के कैंसर, मल के साथ खून आए तो बड़ी आंत या मलाशय का कैंसर, यूरिन के साथ रक्त आए तो यह मूत्राशय या किडनी के कैंसर का संकेत हो सकता है. वेजाइना से आसामान्य ब्लीडिंग सर्विकल या एंडोमैट्रियल कैंसर (गर्भाशय की आंतरिक परत का कैंसर) के कारण हो सकता है. निपलों से ब्लडी डिस्चार्ज स्तन कैंसर का एक प्रमुख लक्षण है. असामान्य रक्त स्राव कैंसर के किसी भी चरण में हो सकता है. इसलिए शरीर के किसी भी भाग से असामान्य ब्लीडिंग हो तो उसे गंभीरता से लें और डाक्टर को दिखाने में देरी न करें.

त्वचा में बदलाव

त्वचा में कैंसर के साथ ही दूसरे प्रकार के कैंसरों में भी त्वचा में परिवर्तन आ सकता है. त्वचा के रंग में बदलाव, खुजली या अत्यधिक बाल उग आना, त्वचा पर तिल और मस्से हो जाना कैंसर के संकेत हो सकते हैं.

बुखार

बुखार कैंसर का एक बहुत सामान्य लक्षण है, लेकिन यह लक्षण तब दिखाई देता है जब कैंसर जहां प्रारंभ हुआ है, वहां से शरीर के बाकी भागों में भी फैलने लगता है. लगभग सभी लोगों, जो कैंसर से पीडि़त होते हैं, को इस के किसी चरण में बुखार का सामना करना पड़ता है, विशेषरूप से तब जब कैंसर इम्यून तंत्र को प्रभावित करता है. ऐसी स्थिति में शरीर के लिए संक्रमण से लड़ना कठिन हो जाता है. वैसे, बुखार आना ब्लड कैंसर का प्रारंभिक संकेत हो सकता है.

थकान

अत्यधिक थकान, जो आराम करने के बाद भी दूर न हो, कैंसर के विकसित होने का प्रमुख संकेत है. लेकिन कई कैंसरों, जैसे ब्लड कैंसर की शुरुआत में ही थकान हो सकती है. आंतों या पेट के कैंसर के कारण होने वाले ब्लड लौस के कारण भी थकान हो सकती है. स्तनों में असामान्य बदलाव

स्तनों में गठानें हो जाना, स्तनों का आकार, रूप बदल जाना, निपलों का अंदर की ओर मुड़ जाना, स्तनों की त्वचा का टैक्सचर बदल जाना, स्तनों में दर्द होना, निपलों से ब्लडी डिस्चार्ज निकलना स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं. यह भी ध्यान रखें कि स्तन कैंसर में गठान के बजाय स्तनों की त्वचा जगहजगह से लाल या मोटी भी हो सकती है.

सांस फूलना

सांस लेने में परेशानी होना या सांस फूलना जैसे संकेतों को गंभीरता से लें क्योंकि इन का कारण फेफड़ों का कैंसर हो सकता है.

पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग

ब्लीडिंग, जो मासिकचक्र का भाग नहीं है, मेनोपौज के बाद होने वाली ब्लीडिंग कभी भी सामान्य नहीं है. वेजाइना से असामान्य ब्लीडिंग सर्विकल या एंडोमैट्रियल कैंसर यानी गर्भाशय की आंतरिक परत का कैंसर के कारण हो सकती है.

पेट फूलना

महिलाओं में हार्मोन परिवर्तनों और मासिकचक्र के दौरान शारीरिक बदलाव के कारण अकसर पेट फूलने की समस्या हो जाती है. लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो इस का कारण स्तन, आंतों, अग्नाशय, अंडाशय या गर्भाशय का कैंसर हो सकता है.

(लेखक बीएल कपूर सुपरस्पैशियलिटी अस्पताल, नई दिल्ली में औंकोलौजिस्ट हैं.)