भारी प्रचार के चलते धार्मिक जगहों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है. एक तरफ जहां पंडेपुजारी इन की जेब ढीली करते हैं, वहीं दूसरी तरफ आयोजन स्थलों की बदइंतजामी से कई बार श्रद्धालुओं की जान पर भी बन आती है.