लोगों में यदि सामर्थ्य है, समय है और इस से उन की स्वयं की कोई हानि नहीं हो रही तो दूसरे की मदद करने में क्या हर्ज है. यदि यह सोच लोगों में आ जाए तो कितनी ही समस्याओं का अंत हो जाए.