यौनशोषण धर्म द्वारा संरक्षित रहा है. धर्म की तमाम किताबों में यौनशोषण व बलात्कार के ढेरों प्रसंग भरे हुए हैं. धर्म की उसी मानसिकता का एक रूप है आसाराम प्रकरण.