सरस सलिल विशेष

दीपक की शादी को 5 साल बीत चुके थे. इस बीच वह 2 बच्चों का बाप भी बन चुका था. दीपक की पत्नी जितनी पढ़ीलिखी और सुशील थी, उतनी ही खूबसूरत भी थी. इस के बावजूद दीपक नई नई लड़कियों के साथ सोने के सपने देखता रहता था.

दीपक का काफी अच्छाखासा कारोबार चल रहा था. ऐसे में उस के पैसे के लालच में नईनई लड़कियां फंस भी जाती थीं. वह कई लड़कियों से जिस्मानी रिश्ते भी बना चुका था. लेकिन उस की इस लत की खबर उस की पत्नी को नहीं हो पाई थी. वह दीपक पर आंख मूंद कर भरोसा करती थी. दीपक का लड़कियों के साथ हमबिस्तरी करने का चसका दिनोंदिन बढ़ता जा रहा था, इसलिए वह देर रात घर आने लगा था.

एक रात दीपक 12 बजे के बाद भी घर नहीं पहुंचा, तो उस की पत्नी के मन में घबराहट होने लगी, क्योंकि उस ने इस दौरान दीपक के मोबाइल फोन पर कई बार बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उस का फोन स्विच औफ था. दीपक की पत्नी से अब रहा नहीं गया और उस ने ड्राइवर को फोन कर के घर बुलाया. वे दोनों कार से दुकान पहुंचे.

दुकान के अंदर की लाइट जलती देख दीपक की पत्नी के मन में एक अजीब सा डर पैदा हो गया, क्योंकि दीपक तो अकसर रात के 11 बजे तक दुकान बंद कर लेता था, इसलिए वह घबराहट में सीधी दुकान के अंदर भागी चली गई और उस ने वहां जो देखा, वह उस के लिए किसी बड़ी चोट से कम न था, क्योंकि दीपक दुकान के फर्श पर एक लड़की के साथ हमबिस्तरी कर रहा था. उन दोनों के बदन पर एक भी कपड़ा न था. उस समय दीपक की पत्नी को बहुत तेज गुस्सा आया, लेकिन वह बिना कुछ कहे घर चली आई.

दीपक जब घर आया, तो उस की पत्नी उस से बोली ‘‘मैं आप पर आंख मूंद कर भरोसा करती रही और आप ने मेरे प्यार और भरोसे का यह सिला दिया.’’ अब वह दीपक के साथ एक पल भी रहने को तैयार न थी और उस ने दीपक से तलाक लेने को कहा.

दीपक ने पत्नी के सामने लाख मिन्नतें कीं, लाख हाथ जोड़े, लेकिन उस ने दूसरे दिन ही कोर्ट में तलाक लेने के लिए अर्जी दे दी. कोर्ट ने दीपक की पत्नी की दलील के आधार पर उसे बच्चों के साथ अलग होने की इजाजत दे दी.

दीपक ने लड़कियों के चसके के चलते अपनी सुखी जिंदगी में आग लगा ली थी. उसे न केवल पढ़ीलिखी और प्यार करने वाली पत्नी से अलग होना पड़ा, बल्कि अपने बच्चों से भी हाथ धोना पड़ा. जगहंसाई और समाज में बदनामी हुई सो अलग.

लगे माली चूना

जिन भी लोगों को अलग अलग लड़कियों के साथ सोने की आदत होती है, उन में से ज्यादातर पैसे वाले होते हैं.  इन लड़कियों के चक्कर में पड़ कर वे अपनी नौकरी और कारोबार तक को गंवा बैठते हैं. कभीकभी सैक्स और पैसे की भूखी लड़कियां पैसे वाले लोगों के साथ की गई हमबिस्तरी का वीडियो बना कर उन्हें लंबे समय तक ब्लैकमेल करती हैं. ऐसे में वह शख्स या तो लुटने को मजबूर हो जाता है या खुदकुशी और हत्या जैसे कदम भी उठाने को मजबूर हो जाता है.

इस मसले पर सामाजिक कार्यकर्ता शिवराम गुप्ता का कहना है कि अगर बसाबसाया घर उजड़ने से बचाना है, तो इस तरह की लत से दूरी बनाए रखने में ही भलाई है.

लगती हैं बीमारियां

 3 बच्चों के बाप हरीश को अलगअलग लड़कियों के साथ सोने की लत थी. कई लड़कियों के साथ असुरक्षित तरीके से किए गए सैक्स का नतीजा ही था कि उसे एड्स की बीमारी ने जकड़ लिया और असमय ही उस की मौत हो गई.

लड़कियों के चसके के चक्कर में हरीश ने खुद को मौत का न्योता दे दिया और अपने पीछे वह पत्नी और बच्चों को रोनेबिलखने के लिए छोड़ गया. अकसर कई लड़कियों के साथ संबंध बनाने वाले लोग हड़बड़ी, घबराहट और किसी के देख लेने के डर के चलते सैक्स के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों को नहीं अपना पाते हैं. ऐसे में वे बिना कंडोम के ही सैक्स संबंध बना लेते हैं. इस की वजह से उन्हें सैक्स से होने वाली खतरनाक बीमारियां पकड़ लेती हैं.

डाक्टर वीके वर्मा का कहना है कि कई लड़कियों से सैक्स संबंध रखने वाले लोग खुद तो इस तरह के संक्रमण के शिकार होते हैं, बल्कि वे अपनी पत्नी और उस से होने वाले बच्चे को भी इस तरह के संक्रमण के बुरे असर से नहीं बचा पाते हैं.

जुर्म आम बात

 लड़कियों का चसका हत्या व दूसरे जुर्म की सब से बड़ी वजह माना जाता है. हत्या के ज्यादातर मामलों में यह देखा गया है कि जब खुलासा हुआ, तो उस की वजह नाजायज रिश्ते ही पाए गए.

सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद मिश्र का कहना है कि अकसर कई लड़कियों के साथ सैक्स संबंध बनाना न केवल परिवार में कलह की वजह बनता है, बल्कि कई लोगों से सैक्स संबंध रखने वाली लड़कियां पैसे के लालच के चलते हत्या, ब्लैकमेलिंग व फिरौती जैसा जुर्म करने से भी नहीं हिचकती हैं.

लड़कियों के चसके का बुरा असर बच्चों पर भी देखा गया है. अकसर इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं, जिन में पति किसी दूसरी लड़की के चक्कर में या तो अपनी पत्नी की हत्या कर देता है या दूसरी औरत के साथ घर बसा लेता है. नाजायज रिश्तों से कई लड़कियां कुंआरी मां तक बन जाती हैं और बच्चे को जन्म देने के बाद लोकलाज के डर से उन्हें झुरमुटों, कूड़ेकरकट के ढेर में छोड़ जाती हैं.

अगर इन सब से बचना है, तो एक साथी के साथ ही संबंध बनाएं और उस के प्रति पूरी ईमानदारी बरतें.