सरस सलिल विशेष

आज देश में जो माहौल है, उस में यकीनी तौर पर कहा जा सकता है कि औरतें कहीं भी महफूज नहीं हैं. नवजात बच्ची से ले कर बूढ़ी औरतें तक रेप का शिकार हो रही हैं. अखबार, खबरिया चैनल की खबरों और सोशल मीडिया पर औरतों व लड़कियों को सताए जाने के वायरल होते वीडियो दहशत पैदा करते हैं. कठुआ, उन्नाव, सासाराम और न जाने कौनकौन से रेप कांड हैं जो रोजाना सुर्खियां बन कर सिर भन्ना देते हैं. जब भी कोई रेप कांड होता है तो उस की खिलाफत में फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी खूब कमर कसते हैं, जबकि वहां से भी कास्टिंग काउच के चलते महिला कलाकारों के शोषण की खबरें सरेआम आती रहती हैं.

हौलीवुड की फिल्म इंडस्ट्री में हाल ही में ‘मी टू’ नाम से एक कैंपेन चलाया गया था, जिस में कई हीरोइनों ने कास्टिंग काउच को ले कर आपबीती सुनाई थी. बहुतों ने अपने जख्म हरे किए तो कुछ ने कहा कि अगर उन्होंने इस बुराई के खिलाफ कुछ बोला तो उन का कैरियर खत्म हो जाएगा. इस का असर भारत में भी पड़ा. यहां पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की एक फिल्म ‘मिस लवली’ का वह हसीन याद आता है जिस में नवाजुद्दीन अपने एक फिल्म मैनेजर दोस्त के केबिन में बैठा होता है. नाटे कद और भद्दी शक्ल का वह फिल्म मैनेजर अभी उस से कुछ बात कर ही रहा होता है कि एक गदराए बदन की अधेड़ उम्र की औरत वहां आ कर उस मैनेजर से फिल्म में रोल मांगती है.

वह औरत छोटा सा रोल पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिखती है, जिस का फायदा वह ठिगना केबिन में ही उठाता है. नवाजुद्दीन सिद्दीकी वहीं बैठा रहता है, लेकिन मुंह फेर लेता है. अब उस औरत को अपनी देह के जरीए आगे किसी फिल्म में रोल मिला या नहीं, पता नहीं, लेकिन उस मैनेजर की असलियत सामने आ गई थी जो वहीं केबिन में दारू का इंतजाम भी रखता है.

इसी तरह फिल्म ‘दिल्ली 6’ में फिल्मों में काम करने का सपना देखने वाली सोनम कपूर भी लोकल फोटोग्राफर के चंगुल में फंस ही चुकी होती है. लेकिन चूंकि वहां फिल्म का प्लौट दूसरा था, इसलिए वह उस धूर्त की दरिंदगी का शिकार नहीं बन पाती है. कहने का मतलब है कि ग्लैमर वर्ल्ड में जितनी चुंधिया देने वाली रोशनी दिखाई देती है, वह खुद में कास्टिंग काउच का कालापन समेटे होती है.

डेजी का खुलासा

डेजी ईरानी ने अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव में एक सनसनीखेज खुलासा किया. उन्होंने बताया कि जब वे 6 साल की थीं तब उन के साथ किसी ने गलत काम किया था. उन्होंने यह भी कहा कि आज की लड़कियां इस बारे में बात नहीं कर सकतीं. अगर वे बोलती हैं और रेप की चीखें सुनाती हैं तो कोई उन्हें काम नहीं देगा.

कुछ ऐसे लोग हो सकते हैं जिन को इस के लिए मजबूर किया गया हो या जिन्होंने अपनी मरजी से ऐसा किया हो, पर अगर वे नाम जाहिर करती हैं तो फिल्म इंडस्ट्री उन से किनारा कर लेगी. डेजी ईरानी ने फिल्मों में साल 1950 में बतौर बाल कलाकार काम करना शुरू किया था. घुंघराले बालों वाली मासूम चेहरे की इस बच्ची ने तब अपनी शानदार अदाकारी से जल्दी ही फिल्म दीवानों का दिल जीत लिया था. वे फिल्मों में कभी लड़की बनती थीं तो कभी लड़का. लोगों को अंदाजा भी नहीं हो पाता था कि बड़ीबड़ी आंखों वाली चपरचपर करती यह लड़की है या लड़का.

उसी बेबी डेजी ने अपनी उम्र के 67वें पड़ाव पर बताया कि जब वे 6 साल की थीं तब उन का रेप किया गया था. उस वक्त वे मद्रास (अब चेन्नई) में फिल्म ‘हम पंछी एक डाल के’ की शूटिंग कर रही थीं.

डेजी ईरानी के मुताबिक, रेप करने वाला वह शख्स उन की जानपहचान का था. वह उन्हें एक होटल में ले गया था और बैल्ट से मारा था. यही नहीं, उस शख्स ने उन्हें धमकाया था कि अगर यह बात किसी को बताई तो वह उन्हें जान से मार देगा. डेजी ईरानी ने दिल दहलाने वाली इस सचाई से परदा हटाते हुए कहा, ‘‘उस वक्त मैं काफी छोटी थी, लेकिन वह दर्द आज भी मुझे याद है कि किस तरह उस ने मुझे बैल्ट से मारा था. उस आरोपी की मौत हो चुकी है. उस का नाम नजर था. वह मशहूर गायिका जोहराबाई अंबाले वाली का रिश्तेदार था और फिल्म इंडस्ट्री में उस की काफी जानपहचान थी. इस वजह से मैं डर गई थी.’’

इतना ही नहीं, डेजी ईरानी ने एक और किस्सा सुनाया. जब वे 15 साल की थीं तब उन की मां उन्हें एक फिल्मकार मालिकचंद कोचर के यहां छोड़ कर आई थीं. मां चाहती थीं कि उन की बेटी रातोंरात स्टार बन जाए और उस फिल्मकार की फिल्म ‘मेरे हुजूर’ में काम मिल जाए. इस के लिए मां ने उन्हें साड़ी पहना कर भेजा था. डेजी ईरानी ने बताया, ‘‘मैं जब उस फिल्मकार से मिलने पहुंची तो उस ने मुझे सोफे पर बिठाया और यहांवहां छूना शुरू कर दिया. मुझे पता था कि उस के दिमाग में क्या चल रहा है. इस के बाद मैं किसी तरह वहां से भागी और बाहर आ गई. मैं अपना दर्द अपनी मां को भी नहीं बता पाई थी.’’

डेजी ईरानी एकलौती कलाकार नहीं हैं जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच को ले कर अपनी बात रखी है. हाल ही में स्वरा भास्कर ने बताया कि एक बार किस तरह एक डायरैक्टर उन के कमरे में घुस आया था और नशा करने के बाद उन्हें गले लगाने की जिद की थी. इतना ही नहीं, डायरैक्टर ने एक रोल के बदले में उन से जिस्मानी रिश्ता बनाने की मांग की थी. टैलीविजन पर आने वाले एक मशहूर कौमेडी सीरियल ‘भाभीजी घर पर हैं’ से मशहूर हुई शिल्पा शिंदे ने शो के प्रोड्यूसर संजय कोहली के खिलाफ सैक्स संबंधी छेड़छाड़ का केज दर्ज कराया था. उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि संजय ने उन्हें ‘सैक्सी’ कहा था और जबरदस्ती गले लगाने की कोशिश की थी. इतना ही नहीं, उन की कमर और छाती को भी छूने की कोशिश की थी.

यहां फिल्म ‘डर्टी पिक्चर’ का विद्या बालन का वह डायलौग याद आता है कि फिल्म 3 चीजों से चलती है ऐंटरटेनमैंट, ऐंटरटेनमैंट और ऐंटरटेनमैंट. लेकिन क्या वही विद्या बालन या फिल्म इंडस्ट्री की कोई भी महिला कलाकार यह चाहेगी कि उसे ही ‘ऐंटरटेनमैंट’ का जरीया बना कर मजा किया जाए?

ऐसे सिखाया सबक

साल 2014 में हीरोइन प्रीति जिंटा ने अपने बौयफ्रैंड रह चुके बड़े कारोबारी नैस वाडिया के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था. तब प्रीति ने अपनी शिकायत में कहा था कि नैस ने वानखेड़े स्टेडियम में उन से छेड़खानी की थी. कोएना मित्रा ने भी एक अनजान शख्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. वह शख्स कोएना को फोन पर बेहूदा बातें कर के वन नाइट स्टैंड का औफर दे रहा था.

कोएना मित्रा ने उस आदमी के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 के तहत मामला दर्ज कराया था. इसी तरह हीरोइन राधिका आप्टे ने बताया था कि दक्षिण भारत के एक मशहूर ऐक्टर ने सैट पर आ कर उन के साथ बदतमीजी की थी. वह उन के पैर सहलाने लगा था. राधिका को उस की यह हरकत पसंद नहीं आई और उन्होंने उसे तमाचा जड़ दिया.

सरस सलिल विशेष

इन को अनजान ने सताया

कभी सलमान खान की प्रेमिका रह चुकी सोमी अली ने बताया कि जब वे महज 5 साल की छोटी बच्ची थीं तब घर में काम करने वाले एक नौकर ने उन के साथ यौन हिंसा की थी. इसी तरह अनिल कपूर की बेटी और खूबसूरत हीरोइन सोनम कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘‘जब मैं 13-14 साल की थी तब फिल्म देखने जाते समय एक शख्स ने मुझे पीछे से आ कर दबोच लिया था. तब मैं बहुत डर गई थी. 2-3 साल तक तो मैं ने इस बारे में किसी को बताया भी नहीं था.’’

अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना ने टीवीएफ के सीईओ अरुणम कुमार पर सैक्सुअल हैरासमैंट का आरोप लगाया था. ट्विंकल ने तब बताया था कि उन्हें जब फोन पर एक गंदा संदेश भेजा गया तो वे अपनी गाड़ी में फूटफूट कर रोने लगी थीं. इस तरह की फेहरिस्त बड़ी लंबी है जब सुनहरे परदे या टैलीविजन की महिला कलाकारों को अपने ही साथी कलाकारों या अनजानों से बेइज्जत होना पड़ा. कई चुप्पी साध गईं तो कुछ ने अपनी भड़ास निकाली.

सरोज के अलग सुर कास्टिंग काउच पर हीरोइनें या दूसरी महिला कलाकार जितना भी खुल कर बोल रही हैं, उस के उलट इसी इंडस्ट्री से जुड़ी मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान ने दूसरी ही नई बात छेड़ कर मामले को अलग ही एंगल दे दिया है.

अपने हालिया बयान में सरोज खान ने फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच और रेप के मुद्दे पर कहा कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच होता है तो रोटी भी मिलती है. जिस के साथ गलत हुआ है उसे छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि उसे काम दिया जाता है. जब इस बयान पर विवाद उठता दिखा तो सरोज खान ने कहा, ‘‘अब मैं ने क्या गलत कह दिया है. जो सच है वही कहा है. मेरी बात को लोग गलत ले रहे हैं तो क्या कर सकते हैं. मैं रेप जैसे अपराधों को सही नहीं कह रही हूं. मेरा कहना है कि लोग फिल्म इंडस्ट्री पर ही उंगली क्यों उठाते हैं? क्या यह सब फिल्म इंडस्ट्री के बाहर दूसरी जगहों पर नहीं होता है?’’

सरोज खान ने आगे कहा, ‘‘हर लड़की के ऊपर कोई न कोई हाथ साफ करने की कोशिश करता है. सरकार के लोग भी करते हैं, फिर लोग फिल्म जगत के पीछे क्यों पड़े हैं? फिल्म जगत कम से कम रोटी तो देता है, रेप कर के छोड़ तो नहीं देता. यह लड़की के ऊपर है कि वह क्या चाहती है. अगर वह चाहती है कि किसी के हाथ न आना तो न आए.’’ सरोज खान के बयान से सवाल उठता है कि क्या कास्टिंग काउच वाकई जबरदस्ती होता है या यह एक तश्तरी में परोसा गया वह गिफ्ट होता है कि आप हमारी तमन्नाएं पूरी कीजिए, हम आप को सिल्वर स्क्रीन का चमकता सितारा बना देंगे? जब सुविधा होती है तब तो बहुत सी हीरोइनें इस गिफ्ट को स्वीकार कर लेती हैं. उन्हें काम भी मिलता है और सरोज खान के मुताबिक उन का पेट भी पलता है.