सरस सलिल विशेष

संबंधों में एक-दूसरे का साथ बेहद जरूरी है. आपसी संबंधों में जहां एक साथी का दूसरे साथी से मानसिक जुड़ाव होता है ऐसे में शारीरिक देह को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. मानसिक जुडा़व के साथ-साथ शारीरिक जुड़ाव भी संबंधों में मधुरता लाता है. पति-पत्नी के संबंधों में सेक्स का अपना अलग महत्व है. न सिर्फ पति-पत्नी बल्कि वैवाहिक जीवन में सेक्स का महत्व बहुत अधिक होता है. इससे पति-पत्नी न सिर्फ एक-दूसरे के नजदीक रहते हैं बल्कि सेक्स संबंधों में खटास को भी दूर करता है. जिस प्रकार जीवन में भोजन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी तरह से वैवाहिक जीवन में सेक्स की आवश्यकता होती है. आइए जानते हैं संबंधों में सेक्स के महत्व के बारे में.

सही मायने में सेक्स सिर्फ भौतिक सुख ही नहीं बल्कि मानसिक सुख भी देता है, इसके साथ ही ये तनाव दूर करने में भी बहुत कारगर है. सेक्स के माध्यम से ही पति-पत्नी के संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव अधिक दिखाई देता है.

सेक्स न करने के कारण पति और पत्नी दोनों के मन में ही ये भावना पनपने लगती है कि उनका पार्टनर उन्हें प्यार नहीं करता. जिससे घर में छोटे-छोटे कलेश भी भयंकर रूप ले लेते हैं.

पुरूषों के मन में संबंधों में खटास की बात तभी आती है, जब वो अकेले बैठकर अपनी सेक्सुअल लाइफ के बारे में सोचते हैं.

यदि पती-पत्नी  के बीच सेक्सुअल रिलेशन अच्छे होंगे तो परिवार में भी सुख-शांति होगी.

संबंधों में सेक्स की महत्ता को बरकरार रखने के लिए कुछ टिप्स

– हर समय पत्नी से सेक्स, संभोग इत्यादि की बात न करें नहीं तो इससे उब हो सकती हैं या फिर हमेशा ही संभोग के लिए तैयार न रहें बल्कि ओरल सेक्स भी कई बार मानसिक शांति देता है.

– अपने साथी के करीब खुशी-खुशी जाएं किसी तरह का कोई तनाव न रखें.

– करीब आने पर सिर्फ एक-दूसरे के बारे में ही बात करें किसी तीसरे व्यक्ति को अपने बीच न लाएं.

– जब भी अपने साथी के पास जाएं साफ-सुथरे रहें नहीं तो आपके साथी का मूड खराब हो सकता है.

– जरूरी नहीं कि एक ही पार्टनर हमेशा पहल करें, कभी-कभी दूसरा पार्टनर पहल करेगा तो संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी.

– यदि किसी बात को लेकर तनाव हो गया था तो सेक्स के दौरान उन बातों का जिक्र बिल्कुल न करें जिससे आपका साथी नाराज हो गया था.

– पति-पत्नी का केवल अपने बिस्तर पर एक साथ सोना और सेक्स करना ही वैवाहिक जीवन नहीं कहलाता बल्कि उन दोनों के बीच एक-दूसरे के प्रति संपूर्ण समर्पण की भावना होना तथा संतुष्टि प्राप्त होना भी जरूरी होता है.

– पति-पत्नी किसी में भी सेक्स से संबंधित कोई दोष है तो उसका उपचार ठीक प्रकार से करना चाहिए ताकि अपने संबंध को गहरा बनाया जा सके.

– पति-पत्नी दोनों को वैवाहिक जीवन में सेक्स के महत्व को ठीक प्रकार से समझना चाहिए क्योंकि इसके बिना उनका वैवाहिक संबंध गहरा नहीं हो सकता है. विवाहित जीवन सुखी, संतुलित और आनन्द पूर्ण बना रहे इसके लिए पति-पत्नी को चाहिए कि वह सेक्स के ज्ञान को ठीक प्रकार से समझ लें.