सरस सलिल विशेष

एक सुखी शादीशुदा जीवन में सेक्स बड़ी भूमिका निभाता है लेकिन सवाल ये है कि क्या इसकी भी कोई सीमा होनी चाहिए? पति-पत्नी के बीच सेक्स संबंधों को लेकर शोध होते रहते हैं. ऐसे ही एक शोध में बताया गया है कि महिलाओं की यौन संतुष्टि से ज्यादा जरूरी है कि सेक्स कितनी बार किया गया.

शोध के अनुसार वही महिला अपने यौन जीवन से संतु्ष्ट रहती है जो एक महीने में करीब 11 बार सेक्स करती है. ये वे महिलाएं हैं जिनकी शादी के कुछ साल बीत चुके हैं. लेकिन एक नवविवाहिता के लिए माह में 11 बार सेक्स नाकाफी होता है. उनकी सेक्स इच्छा इससे तीन से चार गुना अधिक होती है और तब भी वे संतुष्ट नहीं होती.

प्रसिद्ध लेखक, साइकोथेरेपिस्ट और इस शोध के प्रमुख लेखक एम गैरी न्यूमैन ने सुझाव दिया है कि शादी के दो वर्षों के बाद शादीशुदा जोड़ों को अपने प्रेम संबंध की निकटता और उत्तेजना को पहले की तरह बनाए रखना चाहिए. उनका कहना था कि तेज़ भागते जीवन की वजह से जोड़ों के बीच सेक्स कम होता जाता है.

न्यूमैन का कहना है कि उनके शोध का मकसद यह पता करना था कि एक दम्पत्ति को महीने में कितनी बार संबंध बनाने चाहिए.