21वीं सदी में एक ओर तो लोग सेक्स को लेकर जागरुक हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ अलग-अलग प्रयोग करने से बाज नहीं आते. ज्यादातर युवा वर्ग इसे फैंटसी समझते हैं.