सरस सलिल विशेष

आप शाम की डेट के लिए तैयार हो रहीं हैं. आज आपने अपनी पसंदीदा ड्रेस पहनी हैं, बाल भी बेहद खूबसूरती से बनाये हैं. मेकअप के उपरान्त तो आप को पता चल चुका है कि आज तो आप बिजलियां गिरा रहीं हैं. जब आप रेस्तरां में पहुंचती हैं तो आपका साथी वहां पहले से मौजूद है और आपके वहां कदम रखते ही आपको एहसास हो जता है कि उसकी नजर आप पर से हट नहीं पा रही हैं. आप अपने आपसे कहती हैं ‘आज तो यह मुझ पर बिलकुल लट्टू हो गया है’, और यह ख्याल आते ही आपके मन में कामुकता हिलोरें लेने लगती है.

कामना की वस्तु

शोधकर्ता मानते हैं कि यौन आकर्षण देखने वाले की आंखों में होता है और इस एहसास को उन्होंने ऑब्जेक्ट औफ डिजायर सेल्फ-कॉशियसनेस (ODSC) का नाम दिया है, अर्थात यह पता होना कि आप दूसरों को आकर्षक लग रहे हैं. लैंगिक विशेषज्ञ डौक्टर टोनी बोगार्ट के अनुसार जब कोई आपकी और देखता है, निहारता है या फिर आपकी प्रशंसा कर रहा होता है तो उनके हावभाव से आपके अंदर यह धारणा बन सकती है कि आप उनके लिए कामना की वस्तु हैं.

इस रिसर्च में डौक्टर बोगार्ट का साथ डौक्टर लोरी ब्रोट्टो ने दिया था और शोध के दौरान उन दोनों को लगा कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए ओ.डी.एस.सी ज़्यादा मायने रखती है. सच क्या है यह जानने के लिए उन्होंने लगभग 200 महिलाओं और पुरुषों से उनकी यौन कल्पनाओं के बारे में पूछा. आपकी कल्पनाओं से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सेक्स के सन्दर्भ में आप मन ही मन क्या चाह रखते हैं. मतलब यह कि अगर आप कल्पना करते हैं कि आप एक से अधिक साथी के साथ सेक्स कर रहे हैं तो शायद आप असल जिंदगी में भी यही चाहते हैं.

सेक्सी परिस्थितियां

सहभागियों को एक प्रश्नावली भरने को कहा गया जिनमें उन्हें यह बताना था कि अलग-अलग परिस्थितियों में वो कितने कामोत्तेजक होंगे. अब कुछ लोग कहें कि मेरे साथी का यह कहना कि मुझे देखते ही वो उत्तेजित हो जाता है, मुझे भी उत्तेजित करता है तो शोधकर्ताओं को यह पता चल जाता कि यह लोग अपने अंदर मौजूद यौन आकर्षण  के बारे में सचेत हैं.

अब बारी थी किसी उत्तेजित करने वाले दृश्य के बारे में कुछ पंक्तियां पढ़ने की, जैसे किसी एक रात के रिश्ते का वर्णन या घूमने के लिए किसी रूमानी जगह जाना. उन्हें एक वाक्य दिया गया जिसे उन्हें पूरा करना था. वो वाक्य था “मैं इस बात से बेहद उत्तेजित होता/होती हूं..” और उन्हें यह वाक्य पूरा करने के लिए दो विकल्प दिए गए जो यह थे: पहला – “कि मेरे शरीर को देखकर मेरा साथी कितना उत्तेजित हो जाता/जाती है”. दूसरा विकल्प – “जब मेरा ध्यान इस बात पर जाता है कि मेरे अंदर मेरे साथी के लिए कितनी लालसा है”.

अन्त्ततः सहभागियों को उनकी किसी यौन कल्पना के बारे में विस्तृत वर्णन करने को कहा गया.

महिलाओं को क्या उत्तेजित करता है

परिणामों से वही बात सामने आई या और स्पष्ट हो गयी जिसके बारे में शोधकर्ताओं को पहले से ही अंदाज़ा था, कि यह एहसास कि कोई आपको सेक्सी समझ रहा है, पुरुषों की तुलना में औरतों को अधित उत्तेजित करता है. तीनों ही परीक्षणों से यह साफ था औरतें अपने यौन आकर्षण और शारीरिक खूबसूरती के प्रति जितनी अधिक जागरुक होंगी, यह बात उन्हें उतनी ही उत्तेजित करेगी. यह बात सिर्फ उन्ही महिलाओं तक सीमित नहीं थी जो यह मानती थी कि वो सुन्दर है बल्कि शोध से पता चला कि जो महिलाएं अपने आपको सुन्दर और सेक्सी नहीं समझती वो भी इस एहसास से उत्तेजित होती हैं कि कोई उन्हें सेक्सी समझता है.

यह पता चलना कि आपके अंदर यौन आकर्षण है महिलाओं को उत्तेजित क्यों करता है? इसका एक कारण है कि काम वासना और कामोत्तेजना को देखने का नजरिया, महिलाओं और पुरुषों में अलग होता है. महिलाओं के लिए यह प्रतिक्रियाशील होता है. इसका मतलब यह है कि उनका उत्तेजित होना किसी यौनिक क्रिया की प्रतिक्रया स्वरुप होता है, जैसे फोरेप्ले या किसी का उन्हें ऊपर से नीचे तक निहारना. दूसरी तरफ पुरुष कभी भी उत्तेजित हो सकते हैं और झट से सेक्स के लिए तैयार हो सकते हैं.

सेक्सी दिखने का दबाव

लेकिन इस का एक और कारण भी हो सकता है, ऐसा मानना है डौक्टर बोगार्ट का. जिस तरह से आजकल मीडिया में सेक्सी मुद्राओं में खड़ी/बैठी/लेटी महिलाओं की अनगिनत तसवीरें दिखाई जाती हैं उससे महिलाओं के मन में यह बात घर कर सकती है कि उनकी कामुकता इस बात पर निर्भर करती है कि और लोग उनके बारे में क्या सोचते हैं. शायद इसीलिए जब कोई उन्हें यह एहसास दिलाता है कि वो आकर्षक दिख रही हैं वो उत्तेजित हो जाती हैं. लेकिन इसका एक नकारात्मक पहलु यह भी है कि विज्ञापनों और सोशल मीडिया में प्रकट उस “आदर्श सेक्सी छवि” को पाने का लालच महिलाओं को तनावग्रस्त भी कर सकता है.

यहां यह ध्यान में रखना बेहद जरूरी है कि महिलाओं का उत्तेजित होना इस पर भी निर्भर करता है कि बात किस सन्दर्भ में कही जा रही है और उस समय की परिस्थिति क्या है. जब एक महिला किसी ऐसे लड़के के साथ हो जिसे वो पसंद करती हो तो उस समय उसके द्वारा कही गयी उसके शरीर से सम्बंधित टिप्पणियों को सुनकर वो उत्तेजित हो सकती है लेकिन अगर कोई राह चलता लड़का यह सोचे कि वो एक महिला के शरीर पर टिपण्णी करेगा और इससे वो उस पर लट्टू हो जाएगी तो जनाब आपको यह बता दें कि उस महिला के लिए वो घृणास्पद और और अपमानजनक होगा. उसकी नज़र में यह यौन उत्पीड़न से कम नहीं होगा तो ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है.

सेक्सीपन: शरीर तक सीमित?

अगर आप एक रिश्ते में हैं और आपके साथी की आंखों में अपने लिए लालसा देखकर आप उत्तेजित होते हैं तो यह एक अच्छी बात है – लेकिन तभी जब सिर्फ इसी बात की वजह से आप उत्तेजित नहीं होते. डौक्टर बोगार्ट कहते हैं कि लालसा होना अच्छी बात है लेकिन इसका आधार सिर्फ़ आपका शरीर नहीं होना चाहिए. आपके साथी का आकर्षण और आपके रिश्ते में मौजूद अच्छी बातें भी एक अच्छे सेक्स जीवन और उत्तेजना के लिए महत्त्वपूर्ण हैं.