सरस सलिल विशेष

सवाल
मेरे एकमात्र बेटे का विवाह साल भर पहले हुआ है. बहू भी अपने मां बाप की इकलौती संतान है. हम ने सोचा था कि वह घर में आ कर रच बस जाएगी. बेटे की शादी को ले कर जितने उत्साहित थे शादी के बाद उतने ही मायूस हो गए हैं.

बहू मायके में कोई काम नहीं करती थी, यह बात उस के घर वालों ने साफसाफ बताई थी. इस बात को मेरी पत्नी ने बड़ी सहजता से लिया था और कहा था कि वह उसे सब सिखा देगी, पर शादी के बाद सास बहू में 36 का आंकड़ा है. बहू बहुत ही बेस्वाद खाना बनाती है, जबकि मेरी पत्नी कुकिंग में काफी माहिर है, इसलिए बहू का बनाया खाना उस के गले नहीं उतरता.

इसीलिए वह चाहती है कि वही खाना बनाए. यह बात बहू को नागवार गुजरती है. बस इसी बात पर दोनों में तनातनी रहती है. बहू बिना खाए दफ्तर निकल जाती है. अब तो बहू साफसाफ कहने लगी है कि उसे अलग फ्लैट ले कर रहना है. बताएं, क्या करूं?

जवाब

आप स्वयं स्वीकारते हैं कि आप की बहू के घर वालों ने आप को पहले ही बता दिया था कि उन की बेटी गृहकार्य में दक्ष नहीं है, बावजूद इस के ससुराल में आ कर वह घर के कामों में दिलचस्पी ले रही है. यही बड़ी बात है. रही उस के खाने में स्वाद की कमी तो स्वाद भी बनाते बनाते आ ही जाएगा. आप की पत्नी को उसे हतोत्साहित नहीं करना चाहिए. बहू के नौकरी पर चले जाने के बाद वह अपनी पसंद की दाल सब्जी बना सकती हैं या बनी सब्जी में ऊपर से नमक या मिर्च मसाला डाल कर ठीक कर सकती है.

आप की पत्नी मैच्योर है इसलिए उसे थोड़ा धैर्य से काम लेना चाहिए. धीरेधीरे बहू भी नए माहौल में रच बस जाएगी. यदि तनातनी बनी रहती है और दोनों में सारे प्रयासों के बावजूद तालमेल नहीं बैठता, तब बेटे को घर के पास ही कोई फ्लैट किराए पर ले दें.