सरस सलिल विशेष

सूरत में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने व्यापारियों से वादा किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो उनकी मांगों को पूरा करने के लिए जीएसटी में बदलाव करेगी.

राहुल ने पाटीदार समुदाय को आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान पुलिस के अत्याचार की याद दिलाई. वराछा को पटेल (पाटीदार) समुदाय का गढ़ माना जाता है और यह 2015 के पाटीदार आंदोलन के केंद्रों में से एक रहा था. शहर में राहुल को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए थे.

राहुल ने अपने भाषण की शुरूआत पटेल आरक्षण आंदोलनकारियों द्वारा लगाए जाने वाले नारे जय सरदार, जय पाटीदार और जय भवानी का नारा लगाकर की. उन्होंने केंद्र सरकार की नोटबंदी, बेरोजगारी और इस हीरा और व उद्योग के केंद्र शहर में व्यापार में सुगमता के मुद्दे पर आलोचना की.

गुजरात में सच और झूठ की लड़ाई

राहुल गांधी ने शुक्रवार को वलसाड में रैली के दौरान गुजरात विधानसभा चुनाव को सच और झूठ के बीच लड़ाई बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी सच्चाई के साथ है, न कि भाजपा. राहुल ने कहा, यह सच और झूठ के बीच लड़ाई है. एक तरफ गुजरात के लोग हैं, तो दूसरी तरफ पांच-दस उद्योगपति. राहुल ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जैसे कौरवों के पास बड़ी सेना थी वैसे ही भाजपा के पास राज्य सरकार, केंद्र सरकार, पुलिस सब है, पर जीत सत्य की ही होगी.

बच्चे को वाहन में घुमाया

राहुल गांधी ने वलसाड में अपने एक रोड शो के दौरान एक स्कूली बच्चे को अपने साथ अपने वाहन में घुमाया. राहुल मछुआरा समाज की महिलाओं से मिले और उनकी समस्याएं भी सुनीं.

दलित नेता मेवाणी राहुल से मिले, आधे घंटे चर्चा

युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने नवसारी जिले के इटवा गांव के एक फार्म हाऊस में कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. मेवाणी के अपने संगठन राष्ट्रीय दलित युवा अधिकार मंच के अलावा बनासकांठा दलित संगठन के कुल मिला कर 31 अन्य लोगों के साथ राहुल से इटवा गांव के बीआर फार्म में करीब आधे घंटे की मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि गांधी ने दलित मुद्दों पर उनकी 17 मांगों को सुना और इन्हें पार्टी के घोषणा पत्र में जगह देने की बात कही.

47 लाख दलितों में सकारात्मक संदेशगया

मेवाणी ने कहा कि गुजरात में 22 साल से सत्तारूढ़ भाजपा जिन दलित मुद्दों पर बात तक नही कर रही थी उस पर राहुल ने 22 घंटे के भीतर अगर चर्चा की तो इससे 47 लाख दलितों में सकारात्मक संदेश गया है. उन्होंने राहुल को अन्य दलित संगठनों से चर्चा करने के बाद वार्ता की सलाह दी.