सरस सलिल विशेष

संप्रग सरकार में लगातार दो बार प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि उनके पास प्रधानमंत्री बनने के फैसले पर विचार के लिए विकल्प ही नहीं था. उन्होंने ये बातें पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुस्तक के विमोचन मौके पर कही.

तीन मूर्ति सभागार में पूर्व राष्ट्रपति की पुस्तक ‘द कोलिशन ईयर्स’ के विमोचन मौके पर मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी इस स्थिति से प्रणब मुखर्जी भलीभांति परिचित थे. मनमोहन सिंह ने वर्ष 2004 में अपने प्रधानमंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें इस पद के लिए चुना और प्रणबजी मेरे बहुत ही प्रतिष्ठित सहयोगी थे. उनके (मुखर्जी के) पास यह शिकायत करने के सभी कारण थे कि मेरे प्रधानमंत्री बनने की तुलना में वह इस पद के लिए अधिक योग्य हैं. लेकिन वे इस बात को भी अच्छी तरह जानते थे कि मेरे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था. उनकी इस टिप्पणी पर प्रणब मुखर्जी और मंच पर बैठे कांग्रेस नेताओं के साथ पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी भी हंस पड़ीं.

राजनीतिक यात्र समझने का प्रयास : मुखर्जी

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने अपनी पुस्तक ‘द कोलिशन ईयर्स’ में राजनीतिक कार्यकर्ता की नजर से 1996-2004 तक की लंबी राजनीतिक यात्र को समझने और समीक्षा का प्रयास किया है. उन्हें संसद में लंबा अनुभव रहा है और देश के कई बड़े नेताओं को सुनने का मौका मिला. प्रणब ने कहा कि यह पुस्तक किसी इतिहासकार की नजर से नहीं बल्कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता के नजरिये से लिखी गई है.