दलित महिलाएं तो आज भी सबसे ज्यादा उपेक्षित-उत्पीड़ित हैं. हालांकि वर्तमान संविधान के अनुच्छेद 40 में इनके सशक्तीकरण और प्रतिनिधित्व के लिए कई प्रावधान हैं, जिसने इस समाज को उम्मीद बंधाई है.