ज्यादा नहीं अब से कोई तीन महीने पहले मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जब विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट शुरू हुई थी, तब अपने अंदरूनी और बाहरी सर्वेक्षणों के नतीजे देख भाजपा और आरएसएस दोनों सकते में आ गए थे.