शशि थरूर ने जिस लेख का हवाला दिया है वह दिल्ली प्रेस की कारवां पत्रिका में मार्च, 2012 में ‘द एंपरर अनक्राउंड’ नाम से पत्रिका की वेबसाइट पर छपा था.