पिछले साल अक्तूबर में उन्हें विजयवाड़ा में पुलिस ने ही नजरबंद कर लिया था. कांचा पर आरोप हैं कि वे दलितों की भावनाओं को भड़काते हैं और सवर्णों के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं.