मोहन भागवत जनवरी महीने के पहले पखवारे पूरे वक्त मध्य प्रदेश में थे. मकसद साफ था कि अपनी सालाना बैठकों में मध्य प्रदेश समेत राजस्थान और छत्तीसगढ़ के लिए चुनावी तैयारियां करना.