सरस सलिल विशेष

गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गांधीनगर में आयोजित रैली में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी से लेकर बेरोजगारी जैसे तमाम मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जीएसटी को सरल नहीं बनाया तो देश को नुकसान होगा. इसके साथ ही राहुल ने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी को भी साथ आने का निमंत्रण दिया.

रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी कांग्रेस की है और पार्टी एक कर की इस योजना को सरल रखना चाहती थी. 18 फीसदी की सीमा में. मगर वर्तमान में जो जीएसटी है, वह असल में ‘गब्बर सिंह टैक्स’ है.

राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी ने अर्थव्यस्था को चौपट कर दिया था और अब जीएसटी. इसे सरल बनाना होगा नहीं तो देश को जबरदस्त नुकसान होगा. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय माता जी’, ‘जय सरदार’ और ‘जय भीम’ के नारे के साथ की. ये तीनो नारे गुजरात में ओबीसी, पाटीदार और दलित समुदाय के लोगों के हैं. पाटीदार नेता नरेंद्र पटेल द्वारा भाजपा पर रुपयों की पेशकश के आरोप पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पैसों के दम पर गुजरात के युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.

राहुल गांधी ने गुजरात यात्र के दौरान अपनी सभाओं में लगाए गए सभी आरोपों को एक बार फिर से दोहराया और कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था कुछ उद्योगपतियों के हाथ में चली गई है.

ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल

गांधीनगर में राहुल गांधी की विशाल रैली के बीच गुजरात के दिग्गज ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. अल्पेश ने नवसर्जन जनादेश रैली का आयोजन कर कांग्रेस का दामन थामा. अल्पेश की तारीफ करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ऐसे युवा शांत नहीं रह सकते. कुछ ही दिन पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष से दिल्ली में मुलाकात के बाद अल्पेश ने पार्टी में शामिल होने की घोषणा की थी. अल्पेश ठाकोर पिछड़े वर्ग के नेता हैं, जिनकी छवि एक सामाजिक कार्यकर्ता की है. गुजरात में करीब 50 फीसदी मतदाता पिछड़े वर्ग से हैं.

पाटीदार नेता निखिल सवानी ने भाजपा छोड़ी

गुजरात में चुनावों से ठीक पहले पाटीदार नेता भाजपा के लिए परेशानी खड़ी करते दिख रहे हैं. नरेंद्र पटेल द्वारा भाजपा में शामिल होने के लिए रुपयों की पेशकश का आरोप लगाने के एक दिन बाद ही निखिल सवानी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

निखिल सवानी का कहना है कि भाजपा ने पाटीदार समुदाय की मांग मानने का अपना वादा पूरा नहीं किया. उनके कांग्रेस में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से समय लेकर मिलना चाहते हैं.

इससे पहले रविवार को भाजपा में शामिल होने की घोषणा करने के कुछ घंटे बाद ही नरेंद्र पटेल अपने रुख से पलट गए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा ने उन्हें निष्ठा बदलने के लिए एक करोड़ रुपये की पेशकश की थी, लेकिन वह अपने समुदाय के साथ छल नहीं करेंगे. रविवार देर रात उन्होंने पत्रकारों को 10 लाख रुपये की नकद राशि दिखाते हुए यह दावा भी किया था.

उधर, भाजपा प्रवक्ता भरत पांड्या ने कहा कि कांग्रेस के इशारे पर नरेंद्र पटेल ने यह किया. वह भाजपा में शामिल होने के लिए अपनी इच्छा से आए थे.