सरस सलिल विशेष

सऊदी अरब में व्यापक कार्रवाई के तहत एक करोड़पति सहित 11 शहजादों को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही कई मौजूदा और पूर्व मंत्रियों को भी सलाखों के पीछे डाल दिया गया है. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोप में की गई है.

सऊदी अरब के सरकारी न्यूज चैनल अल अरबिया ने रविवार को खबर दी कि शनिवार देर शाम जारी शाही आदेश के तहत यह कार्रवाई, भ्रष्टाचार रोधी नए आयोग के गठन के बाद की गई. इस आयोग के प्रमुख शक्तिशाली वली अहद शहजादे (क्राउन ¨प्रस) मोहम्मद बिन सलमान हैं. आयोग ने लाल सागर के तट पर बसे जेद्दा शहर में 2009 में आई बाढ़ जैसे पुराने मामलों की जांच शुरू करते ही शहजादों, चार मौजूदा और दर्जनों पूर्व मंत्रियों को गिरफ्तार कर लिया.

सऊदी की सरकारी प्रेस एजेंसी ने कहा कि आयोग का लक्ष्य सार्वजनिक धन को बचाना, भ्रष्ट लोगों व ओहदों का दुरुपयोग करने वालों को दंडित करना है. चैनल के मुताबिक गिरफ्तार किए गए शहजादों में अल-वलीद बिन तलाल भी शामिल हैं. हालांकि इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई. विशेषज्ञों की मानें तो गिरफ्तार किए गए शहजादे मौजूदा युवराज मोहम्मद सलमान की आक्रमक विदेश नीति का विरोध करते हैं.

नेशनल गार्ड प्रमुख भी बर्खास्त

पूर्व में राजगद्दी के प्रमुख दावेदारों में शामिल नेशनल गार्ड के प्रमुख शहजादे मुतैब बिन अब्दुल्लाह को भी उनके पद से बर्खास्त कर दिया गया है. नेशनल गार्ड आतंरिक सुरक्षा का अहम बल है. उनकी इस बखास्र्तगी के बाद से देश के सुरक्षा संस्थानों पर शहजादे मोहम्मद की पकड़ मजबूत होगी.

इनपर भी गिरी गाज

शाही आदेश की गाज नौसेना प्रमुख और आर्थिक मामलों के मंत्री पर भी गिरी है. उन्हें भी उनके पद से हटा दिया गया है. मौजूदा चार मंत्रियों को भी हिरासत में लिया गया है. सऊदी के उलेमा की शीर्ष परिषद ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी प्रयास उतने ही अहम हैं, जितनी की आतंक के खिलाफ लड़ाई.

सऊदी सरकार का तर्क

सऊदी अरब के वित्तमंत्री मोहम्मद अल जदान ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह पारदर्शिता, स्पष्टता और जवाबदेही की नीति को और पुख्ता करेगा. इस कार्रवाई से विदेशी निवेशकों में भरोसा जगेगा और सऊदी अरब आकर्षक और भ्रष्टाचार मुक्त निवेश स्थल के रूप में स्थापित होगा.