सरस सलिल विशेष

दिल्ली सरकार के आठ विभागों से संबंधित 40 सेवाएं 10 सितंबर से लोगों को घर बैठे उपलब्ध होंगी. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि इन सेवाओं को घर बैठे उपलब्ध कराने के लिए सरकार की तैयारियां पूरी हो गईं हैं. इनमें शादी प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाणपत्र समेत जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी जरूरी सेवाएं शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि आम जनता को इसके लिए नाममात्र शुल्क देना होगा. संभावना जताई जा रही है कि यह फीस करीब 50 रुपये के आसपास होगी. जल्द ही इस पर सरकार फैसला लेगी. वहीं, मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि सरकार का मानना है कि इससे एक तरफ सुविधाजनक तरीके से जनता को सेवा उपलब्ध हो सकेगी, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार को कम करने में भी मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए संबंधित एजेंसी को छह सप्ताह का समय दिया जाएगा ताकि वह अपना पूरा मॉडल विकसित कर सके. शुरुआत में इस योजना में सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली 40 योजनाओं को शामिल किया जा रहा है. इसके बाद इसमें 60 सेवाओं को और शामिल करने की योजना है.

दिल्लीवालों को सिर्फ कॉलसेंटर पर सूचना देनी होगी

सरकार के आठ विभागों से संबंधित इन 40 सेवाओं के लिए जनता को सिर्फ कॉल सेंटर पर संबंधित कार्य की सूचना देनी होगी. साथ ही, उन्हें अपने कार्य से संबंधित जानकारी व घर पर मिलने का समय बताना होगा. इसके बाद संबंधित कर्मचारी उनके घर जाएगा. वहीं पर संबंधित कार्य के कागजात स्कैन करेगा और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएगा. एक अनुमान के मुताबिक इससे करीब 25 लाख लोगों को लाभ मिलेगा.

सालाना 25 लाख लोग इन सेवाओं को इस्तेमाल करते हैं

दिल्ली सरकार ने एक अध्ययन किया है जिसके मुताबिक, एक साल में औसतन 25 लाख लोग इन 40 सेवाओं का प्रयोग करते हैं. इसमें सबसे अधिक ओबीसी प्रमाणपत्र बनवाया जाता है. इस साल अब तक 1.67 लाख ये प्रमाण पत्र बनवाए गए हैं. इसके अतरक्ति 38000 लोगों ने डोमिसाइल बनवाए हैं. इसी प्रकार, अन्य प्रमाणपत्रों के आंकड़ों के लिए भी सरकार ने अध्ययन किया है.

काम ऐसे होगा

इस सेवा को लागू करने के लिए सरकार निजी एजेंसी (मोबाइल सहायक) की मदद लेगी. एजेंसी के माध्यम से जनता से प्रमाण पत्र, फोटो, आवेदन, बायोमीट्रिक जैसे दस्तावेज लिए जाएंगे. इसके बाद निर्धारित फीस लेकर घर पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए जाएंगे.