सरस सलिल विशेष

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी अक्तूबर में अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है. पहली सूची में केवल उन विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी, जहां पर पार्टी का संगठन मजबूत स्थिति में है.

दिल्ली प्रदेश के संयोजक और गुजरात प्रभारी गोपाल राय ने इस बात के संकेत दिए हैं. राय ने कहा, दो अक्तूबर से गुजरात में आप अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेगी. बता दें कि पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव, दिल्ली में विधानसभा उपचुनाव और नगर निगम चुनाव में मिली हार के बाद आप ने केवल दिल्ली पर फोकस करने की बात कही थी. हार के बाद पार्टी नेताओं के बीच भी घमासान मच गया था. आप नेता कुमार विश्वास ने इसके लिए पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया था. आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने डैमेज कंट्रोल करने के मकसद से कई राज्यों के प्रभारियों की जिम्मेदारी बदल दी थी.

बीते दिनों बवाना विधानसभा उपचुनाव में आप ने जिस तरह बड़ी जीत दर्ज की है, उससे एक बार फिर पार्टी ने दूसरे राज्यों में पांव पसारने की योजना बनाई है. फिलहाल आप गुजरात और राजस्थान के विधानसभा चुनाव पर ध्यान दे रही है. पार्टी ने राजस्थान में सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है. इसके अलावा गुजरात में आप कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, अभी यह तय नहीं है.

राय के मुताबिक, आप वहां पर चुनाव लड़ेगी. हम अभी जीत वाली विधानसभाओं पर फोकस कर रहे हैं. इस साल के अंत में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए आप दो अक्तूबर से चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेगी. गांधी जयंती पर आप नेता गोपाल राय अहमदाबाद में रोड शो का नेतृत्व करेंगे. इसके बाद आप के कई बड़े नेता गुजरात पहुंचेंगे. दिल्ली सरकार के मंत्री और विधायकों के दौरों का कार्यक्रम भी तय किया जा रहा है.

तेल के बढ़े दामों के खिलाफ आंदोलन

आम आदमी पार्टी पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों के खिलाफ देशभर में आंदोलन करेगी. इसे लेकर रणनीति बनाने के लिए पार्टी के विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है. इसमें राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी. गोपाल राय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 50 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल को तकरीबन 56 प्रतिशत मुनाफे के साथ बेचा जा रहा है.

केजरीवाल लौटे, आज बैठक करेंगे

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दस दिन बाद मंगलवार को विपासना से दिल्ली वापस आ गए. मुख्यमंत्री ने आते ही बुधवार को कैबिनेट के सदस्यों की बैठक बुलाई है. बैठक में दिल्ली के कामकाज की स्थिति पर चर्चा होगी. इसके अतिरिक्त अब मुख्यमंत्री के पास जल बोर्ड का कार्यभार भी है और इसी सप्ताह में जल बोर्ड की बैठक भी बुलाई गई है. जहां से दिल्ली के सीवर व पानी संबंधित योजनाओं पर मंजूरी के लिए रखा जाएगा. मुख्यमंत्री विपासना के लिए महाराष्ट्र गए थे.