31 मई को आए 15 उपचुनावों के नतीजों ने साफ कर दिया है कि वर्ष 2019 के आम चुनावों में विपक्षी दलों में गठबंधन हो पाए या न हो पाए लेकिन इतना पक्का है कि मोदी के विरोध में अधिकांश जनता अपना वोट किसी सक्षम दल को ही देगी.