सरकार को एहसास हो गया है कि देश की सड़कों और रेलों को सुधारना आसान काम नहीं है. आज सड़क बनाओ कल उस के किनारे मकानदुकानें बन जाएंगी और सड़क छोटी पड़ जाएगी.