सरकारें अब एक नया रास्ता अपना रही हैं, दिल्ली की केंद्र सरकार भी और राज्यों की सरकारें भी. अब गरीबों की कोई बात नहीं हो रही है. अब नौकरियों की बात नहीं हो रही है.