1984 के सिख दंगों के दौरान दिल्ली व आसपास के बहुत से इलाकों में मारे गए सिखों के हत्यारों में से 2-4 को ही सजा मिली है पर इस का हल्ला अभी भी मचाया जाता रहता है.