जब मंत्री से पूछा गया कि इस का संदर्भ क्या है तो उन्होंने बड़ी ही ढिठाई से उत्तर दिया कि ढूंढ़ लो खुद. ऐसा ही हमारे पंडेपुजारी रोज करते हैं. अब औरतों के टीका लगाने को ही ले लीजिए.