सरस सलिल विशेष

गोवा में पढ़ीलिखी, समझदार 2 विदेशी औरतों के साथ एक गैरब्राह्मण योग गुरु का बलात्कार करना कोई नई बात नहीं. तांत्रिक अनुष्ठानों के बहाने सदियों से धर्म के नाम पर औरतों को बहकाया जाता रहा है कि उन का शरीर तो क्षणभंगुर है. काया के ऊपर पहुंचने और चरम आनंद को प्राप्त करने के लिए तांत्रिक प्रक्रियाएं ईश्वर प्रदत्त हैं और जिस गुरु के पास यह ज्ञान है उसे पूजो, पैसा दो भले ही वह शरीर से खिलवाड़ करे. अब इस प्रकार स्वयंभू गुरु औनलाइन अवतरित होने लगे हैं और एक अमेरिकन व एक कैनेडियन औरत ऐसे ही एक गुरु 38 वर्षीय प्रतीक कुमार अग्रवाल के झांसे में आ गईं और 7 दिन के ट्रेनिंग कोर्स के लिए आ पहुंचीं.

योग का प्रचार इस तरह हो रहा है कि देशविदेश में इसे हर रोग के इलाज के लिए बता दिया जाता है और भेड़चाल में हजारों लोग योग गुरुओं के चरणों में बिछे चले जाते हैं.

इन औरतों को भी किसी तरह की मानसिक परेशानियां रही होंगी और फिर से वे भी योग के नाम पर आकर्षित हो धूर्त के हाथों में पड़ गई होंगी. इन्होंने बलात्कार का आरोप तो लगाया ही है इन का पैसा भी गया होगा, यह भी पक्की बात है.

पुलिस ऐसे मामलों में ज्यादा कुछ नहीं कर सकती, क्योंकि प्रमुखतया शिकार स्वयं शिकारी के फंदे में पड़े थे. उन के साथ जोरजबरदस्ती की गई थी, यह साबित करना कठिन होगा. बलात्कार में शारीरिक भय दिखाया गया था, यह औरतों के लिए साबित करना मुश्किल होगा. सफाई में इस तरह के संबंध से इनकार करा जाए या उसे सहमति से बने संबंध कहा जाए तो गलत ठहराना काफी कठिन होगा.

योग क्रियाओं के नाम पर हमारे देश में ही नहीं दुनिया भर में न जाने क्याक्या किया जा रहा है. इसे रोगों के उपचार का पक्का तरीका साबित करा जा चुका है और हाल यह है कि अच्छेभले अस्पताल भी योग का लेबल चिपका कर मनचाहा पैसा पाने लगे हैं. इस शातिर ने जो किया वह तो मामूली सा लगता है. जो तेज होते हैं वे तो योग के नाम पर मजे में भोग करते हैं.