रुचिता जिस पड़ोसी लड़के को बेटा मानती थी, उसी ने उस की इज्जत पर हाथ डालने की ही नहीं सोची, बल्कि विरोध करने पर जान भी ले ली. आखिर इस में रुचिता की क्या गलती थी?