उस किशोर में ऊर्जा थी, पर उस का सब से बड़ा हथियार तेज सर्विस थी, जिस के चलते सामने कोर्ट में खड़े प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी को गेंद दिखती ही नहीं थी.