सरस सलिल विशेष

भोपाल के बागसेवनिया इलाके के कान्हासैया बिलखिरिया इलाके के रहने वाले गुड्डू चौहान ने अब लड़कियों और उन की दोस्ती से तोबा कर ली है. दरअसल, गुड्डू चौहान के खिलाफ एक लड़की पुष्पा (बदला नाम) ने 24 मई, 2018 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गुड्डू ने शादी का झांसा देते हुए एक साल तक उस के साथ बलात्कार किया और फिर शादी के अपने वादे से मुकर गया.

हुआ यों था कि 25 साला गुड्डू चौहान और 20 साला पुष्पा की दोस्ती कुछ ज्यादा ही गहरा गई थी. उन के बीच रजामंदी से जिस्मानी ताल्लुकात बने थे. भोपाल में तो इन दोनों के बीच संबंध बनते ही थे पर एक दफा गुड्डू पुष्पा को घुमाने अहमदाबाद भी ले गया था. वहां भी उन दोनों के बीच हमबिस्तरी हुई थी. भोपाल आ कर पुष्पा ने गुड्डू चौहान पर शादी के लिए दबाव डाला तो वह साफ मुकर गया. इस पर तिलमिलाई पुष्पा को अहसास हुआ कि अब तक जो हो रहा था वह रजामंदी नहीं बल्कि जबरदस्ती थी इसलिए उस ने पुलिस का सहारा लिया.

बागसेवनिया थाने में रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस वाले गुड्डू चौहान को जबरदस्ती उठा लाए और उस पर मुकदमा दर्ज कर दिया.

फंसे या फंसाया

गुड्डू चौहान और पुष्पा जैसे मामले रोशनी में आना अब रोजमर्रा की बात हो चली है, जो पहले दोस्ती, फिर प्यार और फिर जिस्मानी ताल्लुकात में बदल जाते हैं. हालांकि इस में लड़का लड़की को बिस्तर तक जबरदस्ती नहीं ले जाता, बल्कि बाकायदा पटाता है. जमाना जिस तेजी से बदल रहा है उस से ज्यादा तेजी से प्यारमुहब्बत के माने बदल रहे हैं. अब वह जमाना लदे ही एक जमाना गुजर गया जब लड़का सालों तक गली में लड़की की एक झलक पाने के लिए एक पैर पर खड़ा रहता था. लड़की प्यार की उस की पेशकश कबूल कर लेती थी तो वह तो दीवानों की तरह नाचने लगता था. प्यार और दोस्ती करने लायक लड़कियां अब राह चलते मिल जाती हैं.

अब प्यार के माने बेहद साफ हैं कि पहले दोस्ती और फिर सीधे हमबिस्तरी. इस दौरान अगर दोनों एकदूसरे को जम जाएं तो शादी भी हो जाती है, नहीं तो कुछ महीनों या सालों बाद दोनों एकदूसरे को बायबाय कर के नए पार्टनर की तलाश में निकल पड़ते हैं. यह सौदा या चलन कतई हर्ज की बात नहीं पर मुसीबत उस वक्त खड़ी हो जाती है जब लड़की यह इलजाम लगाने लगती है कि वह तो भोलीभाली और दूध की धुली है जिसे उस के दोस्त या आशिक ने जबरदस्ती मैला कर दिया है, लिहाजा उसे सजा मिलनी चाहिए.

चूंकि जबरदस्ती की बात अकसर अदालत में साबित नहीं हो पाती है इसलिए आशिक रिहा तो हो जाता है लेकिन पुलिस और कोर्टकचहरी के दौरान जो परेशानियां वह झेलता है उन्हें जिंदगीभर नहीं भूलता. इस बात पर कई दफा अदालतें भी हैरानी जता चुकी हैं कि कैसे कोई लड़का लंबे वक्त तक लड़की से जिस्मानी संबंध बनाता रहा, भले ही उस ने वादा शादी का किया हो या फिर दूसरा कोई लालच दिया हो? लड़की ने तब कोई एतराज क्यों नहीं जताया था? एतराज उसी वक्त क्यों जताया गया जब लड़का पल्ला झाड़ने लगा?

इस बात के कानूनी माने अलग हैं लेकिन ऐसे मामले गुड्डू चौहान जैसे लड़कों के लिए सबक हैं कि अकसर लड़की को फंसाना या पटाना बहुत महंगा पड़ जाता है जिस में पैसों की बरबादी के साथसाथ इज्जत की भी फजीहत होती है. इस बाबत लड़की को पुलिस थाने जा कर एक रिपोर्ट दर्ज करानी होती है. लड़कियां जब फंस जाती हैं तो लड़कों का दिल बल्लियों उछलने लगता है. इस दौरान वे माशूका का दिल जीतने के लिए उन पर तबीयत से पैसा लुटाते हैं और कभीकभी शादी करने का झूठा वादा भी कर लेते हैं, जबकि वे बेहतर जानते हैं कि शादी करना उन का मकसद नहीं, बल्कि मंशा वक्त काटना और मौजमस्ती करना है, वह भी ऐसे कि मामला जोरजबरदस्ती का न लगे.

लड़की जब हायहाय करते हुए थाने जा पहुंचती है तो ऐसे मजनुओं को समझ आता है कि असल में उन्होंने लड़की को नहीं फंसाया था बल्कि लड़की उन्हें फंसा रही थी. इस बात का अहसास भी उन्हें हो जाता है कि एक ऐसा जुर्म उन के सिर मढ़ दिया गया है जो उन्होंने किया ही नहीं है.

क्या है दिक्कत

प्यार या हमबिस्तरी करना जुर्म नहीं है और इस बात को कानून भी मानता है कि अगर 2 बालिग अपनी मरजी से हमबिस्तरी करें तो वह कोई गुनाह नहीं होता. इस के बाद भी कानून अकसर लड़कियों के साथ है तो इस बात की भी अपनी अलग अहमियत है कि कहीं सचमुच लड़कियों को प्रेमजाल में फंसा कर उन्हें लड़के धोखा देते हुए उन की जिंदगी बरबाद न करें. यह बात जाने क्यों कोई नहीं सोचता कि इज्जत लुटने, प्यार में बरबाद होने और धोखा खाने की फरियाद ले कर लड़कियां ही थाने और अदालत क्यों जाती हैं, लड़के क्यों नहीं जाते हैं?

इस बहस से परे अहम बात लड़कों की लड़की फंसाने की वह सोच है जिसे वे शान और मर्दानगी समझते हैं और यारदोस्तों के बीच इस के किस्से भी सुनाते हैं. प्यार हो या रजामंदी हो, जब जिस्मानी ताल्लुकात बनते हैं तो इस मर्दानगी में और चार चांद लग जाते हैं. आफत कब और कैसे खड़ी होती है, यह लड़की की रिपोर्ट के बाद लड़कों को समझ आता है, जिस में कई दफा उन का कैरियर भी दांव पर लग जाता है.

एहतियात बरतें

लड़के अकसर जिस्मानी ताल्लुकात बनाने के चक्कर में लड़कियों के हाथों नाचने लगते हैं और उन्हें पूरा हासिल करने के चक्कर में उन की शादी की जिद भी मान लेते है. कानून जिरह के दौरान यह तय करता है कि सुबूतों की बिना पर आरोप सही था या गलत था.

लिहाजा, कभी लड़की, चाहे वह दोस्त हो या माशूका, से भूल कर भी शादी का झूठा वादा नहीं करना चाहिए. उसे साफसाफ बता देना ही बेहतर होता है कि आप उस से संबंध तो बना सकते हैं पर शादी नहीं कर सकते. इस के बाद वह राजी हो तो कोई अड़ंगा पेश नहीं आता.

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लड़की के दबाव में अकसर लड़के फेसबुक, ह्वाट्सऐप या लव लैटर्स में शादी का वादा कर लेते हैं जो बाद में उन्हें फंसा देते हैं और न केवल अदालत में बल्कि जाति, समाज और रिश्तेदारी में भी ऐसे अहम सुबूत लड़के के गले का फंदा बन जाते हैं, इसलिए इस तरह के वादे सोचसमझ कर करने चाहिए. भोपाल के गुड्डू चौहान की तरह कई लड़के गर्लफ्रैंड या माशूका को मौजमस्ती की गरज से घुमानेफिराने शहर से बाहर ले जाते हैं और जहां भी होटल में ठहरते हैं वहां आईडी प्रूफ देते हैं. यह बात अकसर लड़की के हक में जाती है. कोशिश यह होनी चाहिए कि लड़की अगर जिस्म सौंपने के एवज में शादी का वादा करे तो उस से बचना चाहिए, खासतौर से सोशल मीडिया और लव लैटर्स में झूठी हां नहीं करनी चाहिए.

यह ठीक है कि लड़की भी सबकुछ अपनी मरजी से कर रही होती है लेकिन पुष्पा की तरह वह कब पुलिस थाने जा पहुंचे इस की कोई गारंटी नहीं, इसलिए एहतियात बरतना जरूरी है. कई दफा कंडोम इस्तेमाल न करने से लड़कियां पेट से हो आती हैं. ऐसी हालत में वे पुलिस और अदालत में जाएं तो लड़कों का बचना मुश्किल हो जाता है. वजह, आजकल इस बाबत डीएनए टैस्ट होने लगा है और लड़के चाह कर भी झूठ बोल कर खुद को बचा नहीं सकते.

ऐसे भी फंसाती हैं आजकल की लड़कियों की सोच काफी बोल्ड होती जा रही है जो रजामंदी को जबरदस्ती बता कर ब्लैकमेल करने से भी नहीं चूकतीं.

कई मामलों में तो लड़कियां जानबूझ कर अपना सबकुछ लड़कों को सौंप देती हैं और इस के सुबूत भी इकट्ठा करती रहती हैं जिस से उन्हें फंसाया जा सके. ऐसा ही एक दिलचस्प और सबक सिखाने वाला मामला जून, 2018 के आखिरी हफ्ते में उजागर हुआ था. दिल्ली के एक कारोबारी पीएन विजय को पटना की एक लड़की प्रियंका ने फेसबुक पर अपने प्रेमजाल में फंसा कर 10 करोड़ रुपए ऐंठ लिए थे.

प्रियंका पटना के साकेतपुरी इलाके के रघुवरी कौंप्लैक्स के फ्लैट नंबर 404 में रहती थी. फेसबुकिया प्यार में ही इतनी भारीभरकम रकम लुटाने के बाद पीएन विजय को अपने ठगे जाने का अहसास हुआ तो उस ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में इस की रिपोर्ट लिखाई.

पुलिस प्रियंका को दिल्ली ले कर आई तो पता चला कि वह तो पहले से ही शादीशुदा है और प्यारमुहब्बत की जज्बाती बातें करते हुए विजय से पैसे ऐंठ रही थी. इस काम में उस का पति सुमन भी साथ दे रहा था. यह रकम पीएन विजय ने प्रियंका द्वारा बताए गए दर्जनभर अलगअलग बैंक खातों में जमा की थी. जब पीएन विजय ने पैसे देने बंद कर दिए तो प्रियंका उसे सोशल मीडिया की बातचीत की बिना पर पुलिस में जाने की धमकी देने लगी थी.

अब इस मामले की जांच चल रही है लेकिन विजय मालीतौर पर अच्छाखासा लुटपिट चुका है. उसे भी यह अंदाजा नहीं था कि वह जिसे फंसाना समझ रहा है वह असल में खुद फंसना है.

बेहतरी तो इसी में है कि लड़की से दोस्ती या इश्क की राह में कदम फूंकफूंक कर रखे जाएं, नहीं तो लेने के देने पड़ जाते हैं.