सरस सलिल विशेष

आपके लिए और कई और लोगों के लिए शायद सुंदरता के मायने गोरा रंग और एक फिट फिगर होगा. लेकिन इस मॉडल को देखकर आपकी ये गलतफहमी जरूर दूर हो जाएगी.

पूरी दुनिया में काले रंग को हीनता की नजरों से देखा जाता है. कहीं न कहीं काले रंग के कारण लोगों को अपमान सहना पड़ता है लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि हम सभी खास हैं. सभी अपने अपने ढंग से बेहद सुंदर और खास होते हैं.

अगर कोई रंग को ध्यान में रखकर लोगों को सुंदर नहीं समझते तो इस ‘क्वीन ऑफ डार्क’ को जरूर देखें.

नाज है इस मॉडल को खुद पर

दक्षिणी सूडान की 24 वर्षीय मॉडल न्याकिम गैटवेच का रंग पूरी तरह से काला है लेकिन न्याकिम ने कभी इस बात पर शर्म महसूस नहीं की. बल्कि वो तो अपने काले रंग पर नाज़ करती हैं. उसके लिए काला होना कोई अभिशाप नहीं है. अपने इसी जज्बे के कारण न्याकिम ने सोशल मीडिया और इंटरनेट पर धूम मचा रखी है.

लोगों ने रख दिया ये नाम

काले रंग की वजह से इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लोगों ने न्याकिम का नाम ‘क्वीन ऑफ डार्क’ रख दिया है. अपने रंग के बारे में न्याकिम का कहना है कि रंग-रूप भगवान की देन तो जो उसने दिया उसे खुदा की नियामत मानकर सम्मान से रख लेना चाहिए. न्याकिम को अपने गहरे काले रंग से बिलकुल भी नफरत नहीं है.

बोल्‍ड एंड ब्‍यूटीफुल

न्याकिम न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि काफी बोल्ड भी हैं. हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक उबेर ड्राइवर के साथ अपनी बातचीत शेयर की थी. वह ड्राइवर न्याकिम से स्किन को ब्लीच करवाने की कह रहा था. न्याकिम बताती हैं कि ड्राइवर ने उनसे कहा कि अगर वो चाहती हैं तो दस हज़ार डॉलर में अपनी स्किन को ब्लीच करवा सकती हैं. न्याकिम ड्राइवर की ये बात सुनकर ज़ोर से हंसने लगीं. ड्राइवर के सवाल के जवाब में न्याकिम ने कहा कि धरती पर हम सब भगवान की बनाई हुई कृतियां हैं. मुझे ईश्वर ने जैसा भी बनाया है मैं उससे खुश हूं. तो ड्राइवर ने न्याकिम से कहा – तो क्या तुम इस काले रंग को ईश्वर का वरदान मानती हो?

रंग को लेकर लोग करते है सवाल

न्याकिम ने बताया कि अकसर लोग उनके रंग के बारे में अजीबोगरीब सवाल पूछते रहते हैं. न्याकिम कहती हैं कि ऐसा पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह के सवालों का सामना करना पड़ रहा है. न्याकिम बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें अपने काले रंग को लेकर चिढ़ाया जाता रहा है.

बहुत कुछ सहना पड़ता है

न्याकिम को अपने काले रंग की वजह से बहुत कुछ सहना पड़ा है. वह बताती हैं कि जबसे वो यूएस से आईं हैं तभी से उनके काले रंग की आलोचना होने लगी है. उनके साथ ऐसा बचपन से हो रहा है. लेकिन अब ये सब चीज़ें उन्हें और भी ज्यादा मजबूत बनाती हैं.

हौंसला और जज्‍बा

अपने काले रंग को लेकर न्याकिम ने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया और इसी का नतीजा है कि न्याकिम आज इंटरनेशनल मॉडल बन चुकी हैं. न्याकिम अपने रंग को लेकर काफी पॉजीटिव सोचती हैं. न्याकिम का कहना है कि उन्हें अपने काले रंग से पॉजीटिव एनर्जी मिलती है. उन्हें अपना डार्क कलर काफी लकी लगता है. इस मॉडल के हौंसले और जज्‍बे को हमारा सलाम.