लोग शायद यकीन न करें न करें मगर हकीकत यही है कि पुनीत पाठक के सपने को उनके छोटे भाई ने भी अपना सपना बना लिया और पुनीत के सपने को पूरा करने में अपनी तरफ से योगदान देने के लिए, बहुत बड़ा त्याग भी किया