सरस सलिल विशेष

भोलीभाली सूरत की वजह से फैंस के दिलों में खास जगह बनाने वाली अमृता ने अपने 14 साल के फिल्मी कैरियर में कुल 24 फिल्में की हैं. उन का नाम उन के दादाजी अमृत के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने सुभाषचंद्र बोस के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था. मौडलिंग से अपना कैरियर शुरू करने वाली अमृता को पहला ब्रेक महज 17 साल की उम्र में मिला था. एक फेयरनैस क्रीम की मौडलिंग के लिए 60 मौडल्स में से उन्हें चुना गया था. करीब 35 से ज्यादा कमर्शियल ऐड करने के बाद उन्हें बौलीवुड में ऐंट्री 2002 में राजकुंवर की फिल्म ‘अब के बरस’ से मिली. इस फिल्म में उन्होंने लीड रोल निभाया. उन के अपोजिट राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर थे. संगीत की शौकीन अमृता की असली पहचान सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘विवाह’ से मिली. 2011 में मोस्ट डिजायरेबल ऐक्ट्रैस की लिस्ट में शामिल हुईं अमृता ने बौलीवुड में कोई खास मुकाम हासिल न होने पर छोटे परदे का रूख कर लिया है. पिछले दिनों मैट्रोमोनिअल साइट्स ‘लव विवाह’ के लौंच पर पहुंचीं अमृता ने अपनी शादी और छोटे परदे के अनुभवों को साझा किया. पेश हैं, कुछ चुनिंदा अंश:

आप की शादी बहुत सीक्रेट रही

ऐसा तो मेरा कोई सीक्रेट नहीं है, जो आप लोगों से छिपा हो. मैं और अनमोल पिछले 7 सालों से एकदूसरे को जानते थे. जब हमें लगा कि हमें अपने रिश्तों को नाम देना चाहिए तब घर वालों की मरजी से हम ने शादी कर ली. लोग कहते हैं कि शादी के बाद जीवन बदल जाता है, लेकिन मुझे तो अपनी लाइफ में कोई बदलाव नजर नहीं आता. जैसा पहले थी वैसी ही आज हूं, वही लाइफस्टाइल, वही सोच किसी में भी चेंज नहीं आया.

किसी भी शादी में प्यार का होना कितना जरूरी है

प्यार में पड़े बगैर शादी सफल नहीं हो सकती फिर चाहे वह लव मैरिज हो या अरेंज्ड मैरिज. लव मैरिज में तो मैं मानती हूं कि दोनों एकदूसरे की पसंदनापसंद के बारे में पहले से जानते हैं. पर अरेंज्ड मैरिज में तो दोनों एकदूसरे से तब तक अनजान रहते हैं जब तक एकदूसरे को पर्याप्त समय नहीं देते.

मैं सभी अभिभावकों से कहना चाहती हूं कि अगर आप का बेटा या बेटी आप की पसंद के अनुसार शादी करने जा रही है तो शादी के समय को ले कर उस पर दबाव न डालें, बल्कि दोनों को एकदूसरे को समझने का समय दें ताकि वे समझ सकें कि उस के साथ जिंदगी की गाड़ी आसानी से दौड़ाई जा सकती है या नहीं.

शादी में मैट्रोमोनिअल साइट्स कितनी सहायक हैं

पहले शादी एकदूसरे के बताने पर ही हो जाती थी, पर अब समय बदल गया है.  कैरियर की तलाश में लोगों ने अपने आशियाने अलगअलग जगह बना लिए हैं. समय की कमी सभी के पास है. इसी के चलते ये वैवाहिक साइट्स बहुत फायदेमंद साबित हो रही हैं. इन में आप अपनी अपेक्षाओं के अनुसार रिश्ते की तलाश कर सकते हैं.

फिल्म ‘सत्याग्रह’ के बाद लंबे ब्रेक की क्या वजह है

फिल्मों से दूरी जरूर हो गई थी लेकिन मैं ने ऐक्ंिटग से दूरी बिलकुल नहीं बनाई. ‘सत्याग्रह’ फिल्म करने के बाद मैं फिल्मों के रूटीन से उकता गई थी. मेरी बहन प्रतिभा जो छोटे परदे की अच्छी कलाकार हैं, ने कहा कि चेंज के लिए छोटा परदा मेरे लिए बिलकुल सही जगह है. उसी समय ऐंड टीवी का शो ‘मेरी आवाज ही पहचान है’ का औफर मेरे पास आया. जब मैं ने शो की कास्ट पर नजर डाली तो दीप्ति नवल से ले कर जरीना बहाव, सलमा आगा सभी इस शो का हिस्सा थीं. मैं ने जब इतने लोगों को देखा तो तुरंत काम करने को हां कह दी.

छोटे परदे का कैसा अनुभव रहा

जितना मैं सोच कर आई थी उस से बढ़ कर यहां सीखने को मिला. टीवी का शैड्यल फिल्मों से बिलकुल अलग होता है. यहां आप को ज्यादा समय अपनेआप को साबित करने के लिए दिया जाता है. आप लाखों दर्शकों के सामने रोज आते हैं. मेरा भी शो ‘डेली सोप’ था, जिस में काम कर के मुझे बहुत मजा आया. सच मानिए, छोटे परदे पर आना मेरे किसी सपने के सच होने के बराबर है.

आज के टीवी शो में क्या अभाव खलता है

अच्छे कंटैंट का अभाव आज भी टैलीविजन शोज में देखने के मिलता है. अगर अच्छा कंटैंट हो तो शो यादगार बन जाता है. दूरदर्शन पर समाप्त होने वाला शो ‘बुनियाद’ इतने साल बीत जाने पर भी लोगों के दिलोदिमाग में बसा है. कुछ सालों से बौलीवुड के कलाकार भी छोटे परदे का रूख करने लगे हैं. इस जुगलबंदी की शुरुआत अमितजी ने बहुत पहले कर दी थी. उस के बाद कई कलाकारों ने छोटे परदे का रूख किया. क्योंकि सभी जानते हैं कि अगर दर्शकों के जेहन में जिंदा रहना है तो टीवी पर आना ही होगा. इस में सब से बड़ा योगदान टैक्नोलौजी और पब्लिसिटी का भी है. आज के टीवी शोज के बजट और निर्माण की प्रक्रिया किसी भी हाल में एक फिल्म के बजट से कम नहीं है.

आप ने हमेशा सीधीसादी घरेलू लड़की का किरदार निभाया है. क्या वास्तव में अमृता ऐसी ही हैं

सरस सलिल विशेष

हां, मुझे ज्यादा तड़कभड़क पसंद नहीं है. निजी जिंदगी में भी मैं ऐसी ही घरेलू टाइप लड़की हूं. एक शौक जो मुझे बचपन से रहा है वह है गाने का. मेरे घर वाले फिल्मों में आने से पहले मेरे बारे में यही जानते थे कि मैं बड़ी हो कर सिंगर बनूंगी. मेरा फिल्मों में आना मेरे घर वालों को मेरा हैरान करने वाला निर्णय था. मैं जितने भी गाने गाती हूं अपने मन से गाती हूं. मुझे भावपूर्ण गाने बहुत पसंद हैं.

सूरज के साथ एक सफल फिल्म के बाद आप ने उन की दूसरी फिल्म के लिए मना क्यों कर दिया

यह सच है कि सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘विवाह’ से मुझे काफी लोकप्रियता मिली थी. उन की 2015 में आई फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में जो किरदार मुझे औफर हुआ था उस के लिए मना किया था. फिल्म के लिए कभी मना नहीं किया था. मुझे सलमान खान की बहन बनने को कहा गया था, जिस में नैगेटिव और कई अलगअलग किरदार की परतें थीं. मैं अभी इतनी जल्दी नैगेटिव भूमिकाएं नहीं करना चाहती हूं.

अमृता यों रहीं चर्चा में

– फिल्म ‘जब वी मेट’ की शूटिंग के दौरान शाहिद कपूर और करीना कपूर के बीच हुए ब्रेकअप की वजह अमृता को बताया गया. हालांकि अमृता ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि यह सिर्फ अफवाह है.

– 2015 में जयपुर में एक ज्वैलरी के उद्घाटन से लौटते समय अमृता की वैनिटी वैन से किसी ने 7 लाख की डायमंड ज्वैलरी चुरा ली थी. इस के बाद भी अमृता ने किसी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराया था.

– अमृता ऐक्ट्रैस और मौडल के अलावा एक बेहतर सिंगर भी हैं. शाहिदअमृता का इश्क एक समय सुर्खियों में था. बौलीवुड ऐक्टर शाहिद कपूर के साथ फिल्मी स्क्रीन शेयर करने के बाद फैंस ने इन की जोड़ी शाहिद के साथ बना दी. इस के बाद अमृता की ज्यादातर फिल्में शाहिद के साथ आईं और वे बौक्स औफिस पर सुपरहिट भी साबित हुईं. लेकिन शाहिद के साथ अपनी रिलेशनशिप पर चुप्पी तोड़ते हुए अमृता ने कहा कि उन्होंने शाहिद को कभी डेट नहीं किया. वे शाहिद की सिर्फ एक अच्छी दोस्त और उन की कोस्टार है.

– 2009 में प्रियंका चोपड़ा और हरमन बावेजा के ब्रेकअप की वजह भी अमृता राव को बताया गया, जिस पर अमृता का कहना था कि दोनों का ब्रेकअप उन की अपनी मिसअंडरस्टैंडिंग की वजह से हुआ, न कि उन की वजह से.