सरस सलिल विशेष

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘‘पद्मावत’’ के प्रदर्शन में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं, मगर अभी भी इस फिल्म के प्रदर्शन को लेकर राह आसान नजर नही आ रही है. राजपूत संगठनों व करणी सेना के साथ साथ क्षत्रिय संगठनों द्वारा इस विरोध की आग में लगातार घी डालते जाने से मामला लगातार बिगड़ता नजर आ रहा है.

गुजरात के मल्टीप्लैक्स मालिकों ने ‘पद्मावत’ को प्रदर्शित न करने का ऐलान कर दिया है. तो वहीं राजस्थान सरकार के गृहमंत्री ने करणी सेना के नेताओं के साथ बैठक करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पुनः विचार याचिका दाखिल करने का ऐलान कर दिया है. तो वहीं हरियाणा व मध्यप्रदेश की सरकारें भी ‘पद्मावत’ पर बैन जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाली हैं.

मध्यप्रदेश सरकार ‘पद्मावत’ पर बैन जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रही है, तो वहीं मध्यप्रदेश के 150 सिनेमाघरों ने ऐलान किया है कि वह 25 जनवरी को ‘पद्मावत’ का प्रदर्शन करेंगे.

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जबकि रविवार, 21 जनवरी को करणी सेना ने ‘‘पद्मावत’’ के विरोध के नाम पर जमकर लूटपाट की, हंगामा किया. गुजरात में अहमदाबाद शहर के राजहंस सिनेमा घर में करणी सेना के लोगों ने जमकर तोड़फोड़ की. कई जगहों पर आगजनी की, और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. इससे यह बात भी उभर कर आती है कि राज्य में शांति व्यवस्था बरकरार रखने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है. तो वही हरियाणा के कुरूक्षेत्र के एकमात्र मौल ‘‘केसल मौल’’ में भी तोड़फोड़ की गयी. खैर, अब गुजरात सरकार ने पूरे राज्य में सौ मार्गों पर बसे न चलाने का ऐलान कर दिया है. इससे आम जनता को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ सकता है.

दूसरी तरफ संजय लीला भंसाली और ‘‘वायकाम 18’’ ने भले ही सुप्रीम कोर्ट से दरखास्त कर ‘‘पद्मावत’’ पर चार राज्यों द्वारा लगाए गए बैन को हटवा लिया हो, पर अभी तक गुजरात व राजस्थान के वितरकों ने ‘‘पद्मावत’’ को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक अधिकार खरीदने में कोई रूचि नहीं दिखलायी है. इस सूरत में गुजरात व राजस्थान में ‘‘पद्मावत’’ के प्रदर्शित होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है.

मजेदार बात यह है कि संजय लीला भंसाली ने बाकायदा ‘‘करणी सेना’’ के नाम खुला पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि वह सभी फिल्म को देखने आएं. पत्र मे लिख है-‘‘फिल्म देखकर आपको एहसास होगा कि इस फिल्म वैसा कुछ नहीं है,जैसी आपकी आशंका है. हमारी फिल्म राजपूत समाज के सम्मान और उसकी बहादुरी को दिखाती है. हमने रानी पद्मावती का चित्रण पूरे सम्मान के साथ किया है.’’ पर करणी सेना ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.