सरस सलिल विशेष

दीपिका पादुकोण की गिनती आज बॉलीवुड की बड़ी अभिनेत्रियों में होती है. उन्होंने सिने जगत के कई बड़े स्टार्स जैसे शाहरुख, अमिताभ बच्चन के साथ काम किया है. अब तो वह हॉलीवुड में भी अपनी उमदा एक्टिंग का नमूना पेश कर चुकी हैं. लेकिन क्या आपको पता है, साल 2008 में शाहरुख के साथ बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली दीपिका की पहली फिल्म हिमेश रेशमिया के साथ हो सकती थी.

जी हां! दीपिका हिमेश रेशमिया की फिल्म से लॉन्च होने के लिए पूरी तरह तैयार थीं. ऐसा हो भी जाता अगर दीपिका पर फराह खान की नजर न पड़ी होती. हाल ही में एक इंटरव्यू में फराह खान ने दीपिका और अपनी फिल्म ओम शांति ओम से रिलेटेड कुछ दिलचस्प किस्से शेयर किए.

आज से 25 साल पहले फिल्म जो जीता वही सिकंदर से एक कोरियोग्राफर के तौर पर बॉलीवुड में अपना करियर स्टार्ट करने वाली फराह खान ने कहा-“मैंने दीपिका से कहा कि अगर तुम स्क्रीन टेस्ट में पास हो गई तो मैं तुम्हें शाहरुख के साथ रोल दूंगी नहीं तो मैं तुम्हें सेकेंड लीड दूंगी. दीपिका इसके लिए राजी हो गई थीं.”

लेकिन केवल स्क्रीन टेस्ट पास कर लेने से ही वह एक्ट्रेस नहीं बन गई. इसके लिए फराह को दीपिका पर काफी मेहनत करनी पड़ी. आपको तो पता ही है दीपिका साउथ इंडियन फैमिली से बिलॉन्ग करती हैं. यही वहज है कि वह हिंदी ठीक ढंग से बोल नहीं पाती थीं और यही सबसे बड़ी दिक्कत थी. इसके लिए उन्हें हिंदी क्लासेस लेनी पड़ी.

इससे रिलेटेड एक किस्से को याद करते हुए फराह ने कहा- “दीपिका अपनी हिंदी क्लास मिस कर रही थीं जिसे लेकर मैंने उन्हें डांटा और वो रो पड़ी जिससे उनका मेकअप गंदा हो गया, फिर से मेकअप करने में उन्हें फिर से 4 घंटे लगे और मुझे 4 घंटे इंतजार करना पड़ा. मैंने उस दिन सीख लिया कि हीरोइनों को कभी मत डांटो नहीं तो आपको इंतजार करना होगा.”

दीपिका में मॉर्डन हेमा मालिनी जैसी खूबियां देखने वाली फराह ने बताया कि शाहरुख खान के साथ अपना पहला रोमेंटिक सीन देते हुए वे कांपने लगी थीं. फराह ने कहा कि जब उनकी बोली में सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने बहुत मुश्किल से दीपिका की आवाज से मिलती आवाज खोजी और ‘ओम शांति ओम’ में डबिंग कराई. लेकिन आज जिस तरह से उन्होनें अपनी भाषा को सुधारा उससे फराह बहुत खुश हैं. क्योंकि भाषा को सुधारना आसान काम नहीं होता.