सरस सलिल विशेष

पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अक्सर कमजोर माना जाता है. लोगों को यकीन होता है कि जो काम पुरुष कर सकते हैं, उसे महिलाएं नहीं कर सकती हैं. लेकिन बॉडी बिल्डर यास्मीन चौहान मनक ने लोगों की सोच को बदल कर रख दिया है.

यास्मीन ने बताया कि स्कूलिंग के दौरान वह दूसरी लड़कियों की खूबसूरती देख उदास हो जाया करती थीं. तब उन्होंने खुद की बॉडी को शेप में लाने का फैसला किया. वह पिछले 20 सालों से जिम में इसके लिए पसीना बहा रही हैं.

फिलहाल अपने पति के साथ गुड़गांव में रहने वाली यास्मीन बताती हैं कि मैं बचपन से काफी पतली थी. वजन बढ़ाने के लिए इलाज भी कराया, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ. लोग मुझे बदसूरत कहते थे, लेकिन मुझे उनकी बातों का बुरा नहीं लगता, क्योंकि मैं भी खुद को बदसूरत ही मानती थी.

यास्मीन ने कहा मैं स्कूल से पासआउट होने के बाद कॉलेज पहुंची, तब मैंने जिम जाने का निर्णय लिया. उस वक्त मैं 17 साल की थी. हालांकि, तब लड़कियों के लिए जिम जाना काफी मुश्किल था, लेकिन मेरे फैमिली मेंबर्स ने सपोर्ट किया और मैं रोजाना जिम जाने लगी. इस दौरान कई लोग मुझे डिस्करेज भी करते थे, लेकिन मैंने कभी उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया. जिम जाने की वजह से न सिर्फ मेरा कॉन्फिडेंस लौटा, बल्कि मैं खूबसूरत और अट्रैक्टिव भी दिखने लगी.

खबरों के अनुसार मनक गुडग़ांव में अपना एक जिम चलाती हैं और अपने जिम में वो हर महीने करीब 300 लड़के-लड़कियों को ट्रेनिंग देती है.