सरस सलिल विशेष

बॉलीवुड में हीरो तो काफी लंबी उम्र तक हीरो के रूप में ही काम करते रहते हैं, लेकिन हीरोइन लंबे समय तक नायिका नहीं बनी रह सकती. यही कारण है कि अक्सर ऐसा हुआ है जब नायक के रूप में बाप और बेटे दोनों ने ही एक ही हीरोइन के साथ फिल्मी पर्दे पर रोमांस किया है. आज हम आपको बताएंगे ऐसी ही कुछ बॉलीवुड अभिनेत्रियों के बारे में जिन्होंने फिल्मों में बाप बेटे दोनों के साथ इश्क लड़ाया है.

सनी देओल और धर्मेन्द्र दोनों हीरो बन कर लंबे समय तक साथ आते रहें हैं और रोमांस करते रहे. धर्मेन्द्र और सनी जब साथ में हीरो बन कर आते रहे तब कई  नायिकाओं ने दोनों के साथ फिल्मों में रोमांस किया.

माधुरी दीक्षित ने ‘दयावान’ में विनोद खन्ना के साथ रोमांस किया. फिल्म में उन्होंने इतना हॉट किस दिया कि आज भी लोग इस सीन को देख आश्चर्य में डूब जाते हैं. ‘मोहब्बत’ में उन्होंने अक्षय खन्ना के साथ मोहब्बत की.

डिम्पल कपाड़िया के नाम पर तो और भी बड़ा रिकॉर्ड है. वे धर्मेन्द्र-सनी के साथ-साथ विनोद और अक्षय खन्ना की भी हीरोइन बनीं. डिम्पल ने जहां धर्मेन्द्र के साथ बंटवारा, शहजादे जैसी फिल्में की तो दूसरी ओर सनी के साथ अर्जुन, गुनाह, आग का गोला, मंजिल-मंजिल जैसी फिल्मों में इश्क फरमाती नजर आईं. विनोद खन्ना के साथ डिम्पल ने खून का कर्ज, इंसाफ जैसी फिल्में की. अक्षय खन्ना के साथ वे ‘दिल चाहता है’ में नजर आईं, जिसमें कम उम्र  के युवक का अधिक उम्र की महिला के प्रति आकर्षण को दर्शाया गया था.

हेमा मालिनी की पहली हिंदी फिल्म है ‘सपनों का सौदागर’. उसमें राज कपूर उनके नायक थे. बतौर हीरो राज कपूर का करियर अंतिम दौर में था. इसके बाद हेमा मालिनी ने राज कपूर के बेटे रणधीर कपूर के साथ ‘हाथ की सफाई’ की. राज कपूर के मंझले बेटे ऋषि कपूर के साथ भी वे ‘एक चादर मैली सी’ में नजर आईं.

श्रीदेवी जब बतौर हीरोइन अपने करियर के शिखर पर थीं तब धर्मेन्द्र और सनी देओल भी हीरो बन कर फिल्मों में आ रहे थे. धर्मेन्द्र के साथ बतौर हीरोइन श्रीदेवी ने ‘नाकाबंदी’ की. जबकि सनी देओल के साथ वे चालबाज, निगाहें, राम अवतार सहित कुछ फिल्मों में नजर आईं.

सनी देओल की पहली फिल्म ‘बेताब’ की हीरोइन अमृता सिंह थीं. किसी ने तब सोचा भी नहीं होगा कि आगे चलकर ये सनी पुत्तर के पिता गरम धरम की हीरोइन भी बनेंगी. फिल्म ‘सच्चाई की ताकत’ में अमृता को धर्मेन्द्र की हीरोइन बनने का अवसर मिला.

जया प्रदा ने धर्मेन्द्र के साथ गंगा तेरे देश में, कुंदन, ऐलान-ए-जंग, मर्दों वाली बात, कयामत, फरिश्ते, शहज़ादे, न्यायदाता जैसी कई फिल्में कीं. वहीं सनी देओल के साथ वे वीरता और ज़बरदस्त में हीरोइन के रूप में नजर आईं.

फिल्म लाल बादशाह में शिल्पा शेट्टी को अमिताभ बच्चन की नायिका बनने का अवसर मिला. अभिषेक के साथ शिल्पा ने ‘फिर मिलेंगे’ की, लेकिन इसमें वे अभिषेक की हीरोइन नहीं थीं हालांकि दोनों के बीच कई दृश्य थे.

इसी तरह ऐश्वर्या राय बच्चन ने अभिषेक के साथ कुछ ना कहो, गुरु, उमराव जान, बंटी और बबली, रावण जैसी फिल्में की. दूसरी ओर अमिताभ बच्चन के साथ उन्होंने कुछ फिल्में की, लेकिन बतौर हीरोइन कभी अमिताभ के साथ नजर नहीं आईं. कजरारे-कजरारे गाने में वे जरूर अमिताभ के साथ दिखाई दी थीं, लेकिन इस आधार पर शिल्पा या ऐश्वर्या को इस श्रेणी में नहीं रखा जा सकता.