सरस सलिल विशेष

भारतीयों के बीच ‘यूएई’ का आबू धाबी सर्वाधिक पसंदीदा पर्यटक देश बना हुआ है. भारत से हर माह तकरीबन तीन सौ एअर फ्लाइट आबू धाबी जाती हैं. 2017 में जनवरी से अगस्त यानी कि महज आठ माह के अंदर 2 लाख तेइस हजार भारतीय आबू धाबी घूमने के लिए गए और औसतन तीन दिन वहां रूके.

भारतीयों के बीच पर्यटक स्थल के रूप में बढ़ती आबू धाबी की लेकप्रियता देखकर आबू धाबी के संस्कृतिक व पर्यटन विभाग ने 27,28 और 29 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कौम्पलेक्स के एमआरडीए मैदान में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया.

जिसे जबरदस्त प्रतिसाद मिला. हर दिन शाम 4 बजे से रात दस बजे तक चली इस प्रदर्शनी का लाखों मुंबई वासियों ने लुत्फ उठाया. आम नागरिको के साथ ही अमरदीप सिंह नट, संगीतकार विकी प्रसाद, टीवी अभिनेता भावेष बालचंदानी,  रीमष्शेख,रोशनी वालिया, अनुष्का सेन, अरिशफा खान, ऐशन्नूर कौर, एकता जैन, श्री राजपूत, सोलोनी दिनी, आशिका भटिया, संचिता सकट, अहसास चानना ने भी इस प्रदर्शनी का लुत्फ उठाया.

इसके अलावा टोलेज डौट कौम के आदित्य कुमार और इमरान शेख ने 27 तारीख को इसके उद्घाटन में भी हिस्सा लिया था.

मुंबई में ‘‘आबू धाबी वीक’’ की शुरूआत करते हुए आबू धाबी सांस्कृतिक व पर्यटन विभाग महानिदेशक सैफ सईद घोबाश ने कहा-‘‘आबू धाबी के लिए भारत पहली प्राथमिकता है. हमारे देश के होटलों के लिए भारतीय मेहमान आय का सबसे बड़ा बाजार है.

इसलिए हम इस प्रदर्शनी में लोगों को बता रहे हैं कि आबू धाबी महज पर्यटन स्थल ही नही बल्कि आदर्श व्यावसायिक स्थल भी है. आबू धाबी में बैठके आयोजित की जा सकती है. पर्यटन के रूप में आबू धाबी की जो खासियते है, उससे भी हम ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को अवगत कराने के लिए ‘आबू धाबी वीक’का आयोजन मुंबई व दिल्ली में कर रहे हैं.

दिल्ली में यह आयोजन तीन,चार और पांच नवंबर को होगा.’’

इसी अवसर पर संस्कृति और पर्यटन विभाग के प्रमोशन और प्रवासी कार्यलयों के निदेशका मुबारक अली नुइमी ने इस बात पर रोशनी डाली कि किस तरह भारतीयों के बीच आबू धाबी का संबंध निरंतर प्रगाढ़ होता जा रहा है.